यमुना प्राधिकरण में एक युग का अंत, अरुणवीर सिंह का कार्यकाल पूरा, अब यह शख्स होंगे नए सीईओ !

नोएडा : डॉ. अरुणवीर सिंह, जो लंबे समय से यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के पद पर कार्यरत थे, का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो गया है।
उनकी जगह अब मुख्यमंत्री सचिव आर.के. सिंह नए सीईओ का कार्यभार संभालेंगे। आर.के. सिंह पहले भी यीडा (YEIDA) में एसीईओ के पद पर काम कर चुके हैं।
सात बार हुई पुनर्नियुक्ति, 10 साल का प्रभावशाली कार्यकाल
सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉ. अरुणवीर सिंह को सात बार पुनर्नियुक्त किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार को उनके कार्यों पर कितना भरोसा था। उन्होंने करीब 10 वर्षों तक यीडा का नेतृत्व किया और इसे कर्ज में डूबे संगठन से लाभ में चल रही संस्था में बदला।
यीडा को कर्ज से मुनाफे में पहुंचाया
2015 में जब डॉ. सिंह को सीईओ बनाया गया था, तब यीडा पर साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। उनके कुशल प्रबंधन से यह संस्था पांच हजार करोड़ रुपये का लाभ देने वाली इकाई बन गई।
मील के पत्थर साबित हुईं ये परियोजनाएं
उनके कार्यकाल में कई महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक परियोजनाएं शुरू हुईं और आकार लेने लगीं:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
फिल्म सिटी (ग्रेटर नोएडा)
हेरिटेज सिटी (मथुरा)
टप्पल मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क
सेमीकंडक्टर पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, टॉय पार्क
इन सभी में डॉ. सिंह की अहम भूमिका रही, जिससे यीडा का भविष्य उज्जवल बना।
राया और टप्पल के मास्टर प्लान तैयार
उन्होंने गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर से आगे बढ़ते हुए राया व टप्पल अर्बन सेंटर के लिए फेज-2 में मास्टर प्लान तैयार कराया, जिससे यीडा क्षेत्र का विस्तार हुआ और विकास को नई दिशा मिली।
आवासीय योजनाएं और निवेश को मिली गति
2009 की पहली आवासीय भूखंड योजना के आवंटियों को कब्जा दिलाने के साथ-साथ देश-विदेश की नामचीन कंपनियों को जमीन आवंटन कर निवेश को आकर्षित किया। इससे यीडा क्षेत्र को आर्थिक मजबूती और विश्वसनीयता मिली।
प्रशासनिक सुधार और जांच प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका
उनके कार्यकाल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लीजबैक मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई और शिफ्टिंग पॉलिसी जैसे निर्णय लिए गए, जो प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम थे।




