नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बनेंगे दो नए अंडरपास, 20 गांव और 38 सेक्टर को होगा लाभ
नोएडा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दो नए अंडरपास बनने जा रहे हैं। एक अंडरपास झट्टा गांव के पास (चैनेज 16.900 किमी) और दूसरा सुल्तानपुर गांव के पास (चैनेज 6.10 किमी) बनाया जाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र के 20 गांव और 38 सेक्टर को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
छात्र शक्ति कंपनी को मिला निर्माण कार्य, CEO की मंजूरी बाकी
अंडरपास के निर्माण के लिए पाँच कंपनियों ने आवेदन किया था। छात्र शक्ति कंपनी को चयनित किया गया है, जिसने पहले एक्सप्रेसवे की रिसर्फेसिंग का कार्य भी किया है।
हालांकि, अभी तक प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम की औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। पुराने अंडरपास निर्माण में सामने आई खामियों को देखते हुए एक सलाहकार एजेंसी से नए अंडरपास डिज़ाइन की समीक्षा कराई जा रही है।
निर्माण में डेढ़ साल का समय, खर्च होंगे 181 करोड़ रुपये
दोनों अंडरपास का निर्माण करीब 181 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा और यह काम करीब 18 महीने में पूरा किया जाएगा। बारिश के बाद खोदाई का कार्य शुरू हो जाएगा, जबकि पेड़ हटाने और सफाई का काम टेंडर फाइनल होने के बाद होगा।
पहली बार अपनाई जा रही डायाफ्राम वॉल तकनीक
इस बार अंडरपास निर्माण के लिए डायाफ्राम वॉल तकनीक अपनाई जा रही है। इससे पहले जिन अंडरपास को बॉक्स पुशिंग तकनीक से बनाया गया था (जैसे सेक्टर-96, एड्वेंट और कोंडली), वहां सड़कों के धंसने की समस्या आई थी।
प्राधिकरण इस बार बिना खुदाई के पहले दीवारें बनाएगा, फिर उनके ऊपर छत डाली जाएगी और अंत में मिट्टी निकालकर सड़क बनाई जाएगी।
यातायात पर असर संभव
निर्माण कार्य के दौरान कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हो सकता है। प्राधिकरण इसकी योजना और ट्रैफिक डाइवर्जन पहले से बनाएगा।
पहला अंडरपास: झट्टा के पास (चैनेज 16.900 किमी)
लंबाई: 800 मीटर
लागत: ₹99.74 करोड़
लाभार्थी सेक्टर: 145, 146, 151, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 162
लाभार्थी गांव: 9 गांव
दूसरा अंडरपास: सुल्तानपुर के पास (चैनेज 6.10 किमी)
लंबाई: 731 मीटर
लागत: ₹81.61 करोड़
लाभार्थी सेक्टर: 104 से लेकर 135 तक, फेस-2, NSEZ
लाभार्थी गांव: 11 गांव




