नोएडा में बुजुर्ग से साइबर ठगी: 12 दिन के ‘डिजिटल अरेस्ट’ में लुटे 59.5 लाख रुपये
नोएडा : नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड बुजुर्ग को शातिर तरीके से फंसा कर करीब 59 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।
आरोपियों ने उन्हें 12 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की हालत में रखा और भारी रकम हड़प ली।
सेवानिवृत्त कर्मचारी को बनाया शिकार
सेक्टर-29 में रहने वाले राजीव कुमार, जो पहले बर्जर पेंट कंपनी में कार्यरत थे, अब रिटायर्ड हैं। 18 जून को उन्हें एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉलर ने कहा कि उनके फोन नंबर पर गलत गतिविधियों की वजह से कनेक्शन काटा जा रहा है। इससे वे घबरा गए।
फोन पर डर फैलाकर बनाया दबाव
आरोपी ने फोन पर उन्हें निर्देश दिया कि मोबाइल कीपैड पर ‘3’ दबाएं। जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, उधर से बताया गया कि उनके आधार कार्ड से चार फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाए गए हैं जिनका इस्तेमाल आतंकवाद, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में किया गया है।
‘मदद’ के नाम पर की लाखों की ठगी
डर और भ्रम की स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी ने राजीव को भरोसा दिलाया कि वह उनकी मदद करेगा, लेकिन इसके लिए गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है।
इसी बहाने अलग-अलग खातों में कुल 59.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद फोन बंद कर दिया गया।
12 दिन तक रखा ‘डिजिटल कैद’ में
राजीव कुमार को 18 से 30 जून तक इस तरह मानसिक दबाव और भ्रम में रखा गया कि वे किसी को कुछ बता भी नहीं सके।
जब ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है।
डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़े, वकील से भी ठगे 3 करोड़
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की एक महिला अधिवक्ता से भी इसी तरह डिजिटल अरेस्ट के ज़रिए 3 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है।
इन मामलों में अपराधी खुद को सरकारी एजेंसी से जुड़ा बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं।
पुलिस कर रही जांच, लोगों को अलर्ट रहने की सलाह
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें और ऐसे किसी डराने वाले कॉल की तुरंत शिकायत करें।




