×
उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरग्रेटर नोएडानोएडानोएडा वेस्टराजनीतिराज्य

NTPC अधिकारी की पत्नी से साइबर ठगी: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डेढ़ करोड़ की चपत

नोएडा : नोएडा के एनटीपीसी हाउसिंग सोसायटी में रहने वाली 80 वर्षीय चित्रा सिंह को साइबर ठगों ने एक साजिश के तहत मानव अंगों की तस्करी और धन शोधन जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी।

आठ जुलाई को एक वीडियो कॉल के जरिए खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के दुरुपयोग का झांसा देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

फर्जी गिरफ्तारी और ईडी के नाम पर दबाव

ठगों ने चित्रा सिंह को गिरफ्तारी के नकली कागजात और ईडी का फर्जी फ्रीजिंग ऑर्डर दिखाकर डरा दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे रैकेट में कथित रूप से नरेश गोयल भी शामिल हैं और शक जताया कि चित्रा भी उसी गिरोह का हिस्सा हैं। इसके चलते उन्हें दस दिन तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और हर गतिविधि पर नजर रखी गई।

ऑनलाइन पूछताछ और झूठे वादों के बीच लूट

कथित CBI और पुलिस अधिकारियों की ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर ठगों ने भरोसा दिलाया कि उनके खाते में जमा धनराशि जांच के बाद लौटा दी जाएगी। इसके लिए उन्होंने झूठी कसम तक खाई। पीड़िता डर और भ्रम में पड़कर धीरे-धीरे अपने बैंक अकाउंट से डेढ़ करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करती रहीं

बैंककर्मी की सतर्कता से बची बचत

पीड़िता द्वारा बार-बार ट्रांजेक्शन करने पर बैंक की एक महिला कर्मचारी को शक हुआ। उन्होंने चित्रा से बातचीत की कोशिश की और जब वह कोई जानकारी नहीं दे सकीं, तो कर्मचारी खुद उनके घर पहुंच गईं। वहां जाकर उन्हें ठगी का अंदेशा हुआ और वह चित्रा को लेकर साइबर थाना पहुंचीं।

एफडी तुड़वाने से पहले हुआ खुलासा

सौभाग्य से, चित्रा की फिक्स्ड डिपोजिट तुड़वाने से पहले यह मामला उजागर हो गया। बैंककर्मी ने समय रहते हस्तक्षेप कर लिया, जिससे और बड़ा नुकसान होने से बच गया।

पुलिस कर रही खातों की जांच

पुलिस के अनुसार, जिन खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया है, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी गई है। पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि ठगों का यह गिरोह बेहद संगठित और तकनीकी रूप से दक्ष है।

निष्कर्ष

यह मामला साइबर ठगी के एक खतरनाक और जटिल रूप को उजागर करता है, जिसमें बुजुर्गों को टारगेट कर डिजिटल तरीकों से मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाता है। सावधानी और सतर्कता ही इससे बचाव का एकमात्र रास्ता है।

 

Divya Gupta

Related Articles

Back to top button
Close