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नोएडा एयरपोर्ट विस्तार: तीसरे चरण में 8 गांव होंगे विस्थापित, पुनर्वासन ड्राफ्ट शासन को भेजा गया

नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण के चलते आठ गांवों के करीब 15,920 परिवारों के पुनर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

इस संबंध में तैयार किए गए फाइनल ड्राफ्ट को मेरठ मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर के अनुमोदन के बाद राज्य शासन को भेज दिया गया है।

किसानों की आपत्तियों का समाधान, फाइनल ड्राफ्ट तैयार

जेवर के उपजिलाधिकारी और पुनर्वासन प्रशासक अभय कुमार सिंह ने बताया कि लोक सुनवाई में किसानों की लिखित और मौखिक आपत्तियों का समाधान कर फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यह ड्राफ्ट अब शासन के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहा है

8 गांव होंगे विस्थापित, 437 हेक्टेयर भूमि पर बनेगी नई टाउनशिप

तीसरे चरण के लिए जेवर के थोरा, नीमका, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीवास, जाफराबाद और आंशिक रूप से मुकीमपुर शिवारा गांवों के कुल 15,920 परिवार विस्थापित होंगे।

इन परिवारों को बसाने के लिए माडलपुर, मंगरौली, अलावलपुर, चौरोली और नीमका गांवों की कुल 437 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

कुल 14 गांवों की 1857 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण

एयरपोर्ट के तीसरे चरण में कुल 14 गांवों की लगभग 1857 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इससे 30,879 परिवार प्रभावित होंगे, जिनमें से 15,920 को पूरी तरह से विस्थापित कर पुनर्वासित किया जाएगा।

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगी सुविधायुक्त टाउनशिप

नई टाउनशिप यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के पास, जेवर-खुर्जा मार्ग और प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के बीच विकसित की जाएगी। यहां सड़कें, नालियां, बिजली, पानी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क आदि सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

दूसरे और तीसरे चरण के विस्थापितों के लिए एक ही टाउनशिप

एयरपोर्ट के दूसरे चरण में भी किसानों को माडलपुर क्षेत्र में बसाया जा रहा है। तीसरे चरण के विस्थापितों को भी उसी क्षेत्र के पास विस्थापित किया जाएगा, जिससे दोनों चरणों के पुनर्वास एक ही टाउनशिप में सम्मिलित हो सकें। इससे प्रशासनिक व्यवस्था और सुविधाएं केंद्रीकृत होंगी।

अगला कदम: भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 19 की तैयारी

अब प्रशासन भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 19 के तहत अगली प्रक्रिया की तैयारी में जुटा है। इससे विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया को कानूनी आधार मिल सकेगा।

 

Divya Gupta

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