ग्रीनबे इंफ्रास्ट्रक्चर को हाईकोर्ट से राहत, यमुना प्राधिकरण को चार हफ्ते में निर्णय का आदेश

नोएडा : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ग्रीनबे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यमुना प्राधिकरण को आदेश दिया है कि वह टाउनशिप टीएस-06 के लिए ‘जीरो कॉल’ लाभ के आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय ले।
हाई कोर्ट ने पूर्व आदेश पर लगाई रोक, यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश
कोर्ट ने यमुना प्राधिकरण द्वारा 8 जुलाई को जारी किए गए पूर्व आदेश पर स्थगन आदेश जारी करते हुए यह भी निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनी रहे और प्रोमोटर के विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए।
किसानों के कब्जे के कारण नहीं मिला था पूरा भूखंड
ग्रीनबे इंफ्रास्ट्रक्चर के परियोजना निदेशक अमित शर्मा ने बताया कि जिस भूखंड पर टाउनशिप विकसित होनी थी, उस पर किसानों का कब्जा था, जिसके कारण 2019 तक कंपनी को पूर्ण कब्जा प्राप्त नहीं हो सका
धारा 41(3) के तहत मांगा गया था ‘जीरो पीरियड’ लाभ
कंपनी ने उत्तर प्रदेश नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की धारा 41(3) के अंतर्गत आवेदन करते हुए कहा कि देरी उनकी गलती नहीं थी, इसलिए उन्हें ‘जीरो पीरियड’ (Zero Period) का लाभ मिलना चाहिए, ताकि बकाया धनराशि में राहत मिल सके।




