निक्की भाटी हत्याकांड के बाद भारी-भरकम दान-दहेज और दिखावे वाली शादियों से गुर्जर समाज की हो रही चौतरफा किरकिरी, बिसरख के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने दिया बड़ा बयान

ग्रेटर नोएडा : गुर्जर समाज के प्रमुख समाजसेवी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख कर्मवीर नागर ने समाज के भीतर बढ़ रही भारी-भरकम दान-दहेज और दिखावे वाली शादियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अग्रणी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक हस्तियों से अपील की है कि वे ऐसी शादियों में शिरकत करना बंद करें और इस कुप्रथा का बहिष्कार करने का सार्वजनिक प्रण लें।
कर्मवीर नागर ने कहा कि –
“भारी-भरकम दान-दहेज और दिखावे वाली शादियों ने समाज के मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति सामान्य है, उन्हें मजबूरन दहेज देना पड़ता है। दुख की बात यह है कि अधिकतर ऐसे विवाह बहुत जल्द टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं, जिससे समाज में तलाक और पंच फैसलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि सिरसा गांव में हुई निक्की हत्याकांड जैसी घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और इसने यह साबित कर दिया है कि दिखावे और दहेज की यह कुप्रथा कितनी भयावह रूप ले चुकी है।
समाज पर कलंक बन चुकी दिखावे वाली शादियां
कर्मवीर नागर ने बताया कि समाज में कुछ नवधनाढ्य लोग अपनी पहचान बनाने के लिए सामाजिक कार्यों की बजाय शादियों में दिखावे को प्रचार का माध्यम बना रहे हैं। वीडियो वायरल करवा कर सम्मान पाने की यह प्रवृत्ति समाज को बदनामी की ओर धकेल रही है।
अग्रणीयों से आह्वान
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि गुर्जर समाज के अग्रणीय लोग और राजनीतिक सेलिब्रिटीज इन शादियों में जाना बंद कर देंगे और मीडिया व सोशल प्लेटफॉर्म्स पर इसका बहिष्कार करने का बयान जारी करेंगे, तो निश्चित रूप से यह प्रथा कमज़ोर होगी और समाज में सुधार की राह खुलेगी।
“आज आवश्यकता है कि गुर्जर समाज के जागरूक लोग इस पर खुलकर बोलें और कठोर कदम उठाएं। अन्यथा आने वाली पीढ़ी इस कलंकित प्रथा के बढ़ने का दोष आज के जिम्मेदार लोगों के सिर मढ़ेगी।”
- कर्मवीर नागर ने गुर्जर समाज के अग्रणीयों, राजनीतिक हस्तियों और युवाओं से अपील की है कि –
- भारी-भरकम दान-दहेज वाली शादियों का बहिष्कार करें।
- ऐसी शादियों के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करना बंद करें।
- समाजहित में बयान जारी कर प्रण लें कि वे ऐसी कुप्रथा का समर्थन नहीं करेंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि समाज के अग्रणीय लोग पहल करेंगे तो आम लोग भी उनका अनुकरण करेंगे और यह सामाजिक बीमारी जड़ से मिट सकेगी।




