बिल्डर की तानाशाही : पैरागोल्फ़ फॉरेस्ट सोसायटी में क्लब हाउस व जिम बंद करने के बिल्डर के फरमान का निवासियों ने किया कड़ा विरोध

ग्रेटर नोएडा वेस्ट : ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पैरागोल्फ फॉरेस्ट सोसायटी में रविवार को उस समय आक्रोश फैल गया जब बिल्डर की ओर से जारी नोटिस में क्लब हाउस और जिम को हर रविवार को बंद करने का फरमान सुनाया गया। इस अचानक लिए गए निर्णय के खिलाफ बड़ी संख्या में निवासी एकजुट हुए और बिल्डर के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
निवासियों का कहना है कि क्लब हाउस और जिम सोसायटी की लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य सुविधाओं का अहम हिस्सा हैं, जिनका इस्तेमाल रोजाना सैकड़ों लोग करते हैं। ऐसे में बिना किसी पूर्व चर्चा या सहमति के रविवार को इन्हें बंद करना न केवल अनुचित है बल्कि निवासियों के अधिकारों का हनन भी है।
सोसायटी निवासी अखिल श्रीवास्तव, सुधा शर्मा, जितेंद्र, ख्याती सहित कई अन्य लोगों ने इस निर्णय को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कहा कि बिल्डर को निवासियों से बिना परामर्श लिए ऐसे निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है।
अखिल श्रीवास्तव ने कहा – “हम सभी ने क्लब हाउस और जिम जैसी सुविधाओं के वादे पर ही यहां निवेश किया था। अब इन्हें अचानक बंद करना सरासर गलत है।बिल्डर द्वारा नोटिस चिपका देना और एकतरफा आदेश देना तानाशाही रवैये को दर्शाता है। हम इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
वहीं, सुधा शर्मा ने इसे महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बताते हुए कहा – “जिम और क्लब हाउस हमारी दिनचर्या का हिस्सा हैं। यहां बुजुर्ग लोग सुबह-शाम बैठते हैं, महिलाएं योगा और फिटनेस क्लासेस करती हैं। इसे बंद करना समाजिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से गलत है।”
निवासियों का कहना है कि यदि बिल्डर ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो वे न केवल सामूहिक विरोध जारी रखेंगे बल्कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराएंगे। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
निवासियों ने बिल्डर से अपील की है कि वह तुरंत क्लब हाउस और जिम को बंद करने के निर्णय को वापस ले और किसी भी प्रकार का फैसला लेने से पहले सोसायटी के निवासियों से सहमति ले।




