सादुल्लापुर में पंचायत, ग्रामीणों का ऐलान – किसी भी कीमत पर नहीं बदलने देंगे गाँव का नाम

ग्रेटर नोएडा :रविवार को सादुल्लापुर गाँव में आयोजित एक विशाल पंचायत में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर गाँव का नाम बदलने की मांग का पुरज़ोर विरोध किया। पंचायत में 300 से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गाँव की पहचान और परंपरा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते दिनों क्षेत्रीय विधायक तेजपाल नागर के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान गाँव का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था। इस बात के सामने आते ही पूरे गाँव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने विधायक के रवैये पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि गाँव का नाम बदलने के बजाय विकास कार्यों की मांग करना ज़्यादा उपयुक्त होता।
गाँववासियों ने बताया कि सादुल्लापुर की अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसे मिटाने का कोई भी प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पंचायत में यह भी स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में यदि नाम बदलने की दिशा में कोई कदम उठाया गया तो उसका कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं जैसे सड़क, नाली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आवाज़ उठाई और कहा कि सरकार तथा जनप्रतिनिधियों को इन्हीं मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। चार किलोमीटर की सड़क का विकास विधायक ने केवल मुस्लिम आबादी अधिक होने के कारण नहीं कराया, जब सड़क बनाने की मांग की गयी तो उन्होंने गांव का नाम बदलने की साजिश रच डाली।
पंचायत के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि गाँव का नाम बदलने की कोशिशों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा और गाँव की मौलिक पहचान को बचाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।




