बिमटेक इंस्टिट्यूट हॉस्टल में गोलीकांड, एक छात्र की मौत; सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में

ग्रेटर नोएडा :ग्रेटर नोएडा के एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज बिमटेक इंस्टिट्यूट के हॉस्टल में सोमवार देर रात सनसनीखेज घटना हुई। हॉस्टल के एक कमरे में दो छात्रों के बीच हुई फायरिंग में एमबीए छात्र दीपक कुमार की मौत हो गई, जबकि पीजीडीएम छात्र देवांश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों छात्र आपस में अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
ऐसे हुआ हादसा
यह वारदात थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के एक निजी हॉस्टल में हुई। देर रात कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो सुरक्षा कर्मियों ने खिड़की से झांककर देखा। दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके बाद खिड़की से घुसकर गार्ड ने दरवाजा खोला। अंदर का नज़ारा देखकर सबके होश उड़ गए। कमरे में 22 वर्षीय दीपक कुमार (मूल निवासी आंध्र प्रदेश, चिलकुलरी) मृत पाए गए, जबकि 23 वर्षीय देवांश चौहान (निवासी आगरा) लहूलुहान हालत में पड़ा मिला।घायल देवांश को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस मौके से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, चार जिंदा कारतूस, दो खोखे, मोबाइल और लैपटॉप बरामद कर चुकी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
दोस्ती और गोलीबारी का राज़
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दीपक और देवांश अच्छे दोस्त थे। संदेह है कि किसी विवाद के चलते दोनों के बीच कहासुनी हुई और उसी दौरान गोली चल गई। आशंका यह भी है कि पहले एक ने दोस्त को गोली मारी और फिर खुद को। हालांकि, पुलिस फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है। देवांश की हालत गंभीर है और उसके बयान के बाद ही असली वजह साफ हो पाएगी।
सबसे बड़ा सवाल: हथियार हॉस्टल तक कैसे पहुँचा?
इस पूरे मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिरकार कॉलेज हॉस्टल जैसे सुरक्षित परिसर में छात्र लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर कैसे पहुँच गया? आमतौर पर हॉस्टल में प्रवेश करते समय सुरक्षा गार्ड छात्रों के सामान की जांच करते हैं। हथियार लाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है और कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है कि नो-वेपन्स पॉलिसी लागू करे। ऐसे में सुरक्षा की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।
कॉलेज प्रशासन भी कटघरे में
पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और मृतक छात्र का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिवार को सूचना दे दी गई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन पर भी कई सवाल उठ रहे हैं कि कैसे हथियार हॉस्टल के भीतर पहुँच गया और छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई।




