भ्रष्टाचार के आरोप में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट के खिलाफ विजिलेंस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोप सिद्ध होने पर इतनी होगी सजा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यूपी विजिलेंस विभाग ने अंबी बिष्ट और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोपों में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की प्रियदर्शिनी योजना में की गई कथित अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
आरोप है कि जब अंबी बिष्ट एलडीए में संपत्ति अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं, तब उन्होंने प्रियदर्शिनी भूखंड योजना के अंतर्गत भूखंडों के आवंटन में गड़बड़ियां कीं। विजिलेंस जांच में यह सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर कई भूखंडों का आवंटन किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
मुकदमा उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग द्वारा दर्ज किया गया है।
धारा 420, 467, 468, 471, 120बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएँ लगाई गई हैं।
जांच के दौरान दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि अंबी बिष्ट उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं। वे सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की समधन हैं। उनकी बेटी अपर्णा बिष्ट यादव, मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं।
अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं और वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
विजिलेंस विभाग की ओर से इस मामले की गहन जांच जारी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अंबी बिष्ट और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।




