राम ने समाज सुधार का संदेश नहीं दिया, सपा नेता के बयान पर मचा बवाल, पद जाने के डर से अब दी सफाई

नोएडा: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और नेता राजकुमार भाटी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह भगवान श्रीराम और पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल क्लिप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर अब राजकुमार भाटी ने स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया है।
वायरल वीडियो को लेकर राजकुमार भाटी की सफाई
राजकुमार भाटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि, “मेरी पूरी बात को नहीं दिखाया गया है। कुछ लोग जानबूझकर मेरे बयान के कुछ हिस्सों को काट-छांटकर इस तरह से प्रस्तुत कर रहे हैं जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा,
“मैंने डिबेट में कहा था कि श्रीराम और श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों के आदर्श केवल हिंदुओं के लिए नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए हैं। साथ ही मैंने यह भी कहा कि मोहम्मद साहब की शिक्षाएं भी केवल मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए हैं। इस विचार में क्या गलत है?”
मैं किसी धर्म या महापुरुष के विरोध में नहीं हूं
राजकुमार भाटी ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी धर्म की बुराइयों, कुप्रथाओं और अंधविश्वास के पक्षधर नहीं हैं, चाहे वह इस्लाम हो या कोई अन्य धर्म। उनका उद्देश्य सभी महापुरुषों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर एक समावेशी और मानवीय समाज का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा,
“मोहम्मद साहब ने जो बातें कहीं – जैसे मूर्ति पूजा नहीं करना, नशा न करना, जुआ न खेलना, ब्याज न लेना, कन्या हत्या और वेश्यावृत्ति का विरोध – वो सभी बातें बुद्ध, महावीर, कबीर, नानक, विवेकानंद, और दयानंद जैसे महापुरुषों ने भी कही हैं। ये शिक्षाएं मानवता के हित में हैं।”
विवाद पर खेद, लेकिन उद्देश्य गलत नहीं था
राजकुमार भाटी ने उन लोगों से माफी भी मांगी है जिन्हें उनके शब्दों से ठेस पहुंची हो, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि सभी महापुरुषों की शिक्षाओं को साझा करना था।
“अगर मेरी किसी बात से किसी को दुख हुआ है तो मैं माफी चाहता हूं, लेकिन मेरा मकसद कभी भी किसी धर्म या महापुरुष का अपमान करना नहीं था।” राजकुमार भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि वायरल वीडियो के पीछे भाजपा की आईटी सेल की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा नोएडा में एक विशेष जाति समुदाय की बैठक बुलाकर उन्हें बदनाम करने की योजना बनाई गई है। यह सब समाजवादी पार्टी और विशेष रूप से गुर्जर समाज में राजनीतिक जागरूकता को देखकर भाजपा की बौखलाहट का परिणाम है।




