नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिले NDMC जैसी नई नगर शासन व्यवस्था की दरकार – पूर्व डीएम बी.एन. सिंह का सुझाव

नोएडा : गौतम बुद्ध नगर जिले के पूर्व जिलाधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बी.एन. सिंह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एक नई नगर शासन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब इन दोनों शहरी क्षेत्रों को “औद्योगिक विकास प्राधिकरण” के दायरे से बाहर निकालकर NDMC (नई दिल्ली नगर परिषद) जैसी पारदर्शी और जन-भागीदारी आधारित प्रणाली दी जाए।
बी.एन. सिंह के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अब केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं रहे, बल्कि ये भारत के प्रमुख आवासीय, आईटी और वाणिज्यिक केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में, मौजूदा “औद्योगिक प्राधिकरण मॉडल” नागरिक सेवाओं और जवाबदेही की दृष्टि से अब पुराना हो चुका है।
उन्होंने सुझाव दिया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा को एकीकृत कर “गौतम बुद्ध नगर महानगरीय निगम” बनाया जा सकता है या फिर NDMC की तरह एक विशेष नगर परिषद (Special Municipal Council) गठित की जानी चाहिए, जो नागरिक सुविधाओं, पर्यावरण, और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे विषयों पर सीधे तौर पर जवाबदेह हो।
बी.एन. सिंह ने कहा —
“यह मॉडल ऐसा होना चाहिए जो औद्योगिक हितों की रक्षा करे, लेकिन साथ ही नागरिकों की भागीदारी और पारदर्शिता को बढ़ाए। अब यह क्षेत्र एक ‘मल्टी-डायमेंशनल अर्बन सिटी’ बन चुका है, जहां जनता को नगर निगम जैसी सेवाओं की अपेक्षा है।”
उन्होंने आगे बताया कि नई शासन व्यवस्था के अंतर्गत सिंगल विंडो सिस्टम, सेवा-स्तर मानक (Service Level Benchmarks), और सार्वजनिक भागीदारी आधारित ई-गवर्नेंस मॉडल लागू किए जाने चाहिए।
सिंह का यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट की हाल की टिप्पणी से भी मेल खाता है, जिसमें कहा गया था कि नोएडा को “Metropolitan Corporation” के रूप में विकसित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल लागू होता है, तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा देश का पहला ऐसा क्षेत्र बन सकता है जहां औद्योगिक विकास और नगर निगम प्रणाली का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा।




