ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक जाल! 50 लाख से 5 करोड़ तक के खातों की होती थी खरीदारी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने मैनपुरी निवासी वरूण प्रताप सिंह(बीए पास), सार्थक गुप्ता(10वीं पास), अर्थव दीक्षित(12वीं पास), मोनू यादव(बीएससी) के गिरफ्तार किया है।

फेस—3 कोतवाली पुलिस ने शनिवार को फर्जी दस्तावेज के जरिए बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर अपराधियों के बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खाते खुलवाकर साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। इन साइबर अपराधियों के निशाने पर ऐसे लोग होते थे, जिनके खातों की लिमिट रोजाना 50 लाख से 5 करोड़ तक होती थी।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने मैनपुरी निवासी वरूण प्रताप सिंह(बीए पास), सार्थक गुप्ता(10वीं पास), अर्थव दीक्षित(12वीं पास), मोनू यादव(बीएससी) के गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मोनू यादव द्वारा रोहित यादव से किट (अकांउट से चैक बुक, डेबिट कार्ड व सिम) को सप्लाई करने की जिम्मेदारी थी। उसके एवज में 60 हजार रुपये प्रति अकाउंट दिया जाता था। मोनू यादव द्वारा वरूण प्रताप सिंह उर्फ आशीष ठाकुर, सार्थक गुप्ता, अर्थव दीक्षित से अकाउंट डिटेल, सिम, डेबिट कार्ड प्राप्त कर रोहित याृदव को दिया जाता था। अकाउंट चालू होने पर रोजाना उसे 50 हजार रुपये दिए जाते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपी टेलीग्राम पर लिंक भेजकर लोगों को ऑनलाइन गेम के माध्यम से सट्टे में पैसे लगवाते थे। सट्टा के पैसों को ऐसे अकाउंट में लेते थे, कौटेक बैंक के करंट अकाउंट में लेते थे, जिसकी लिमिट एक करोड़ रुपये प्रतिदिन होती थी। व्हाट्सएप वाइस कॉल और Disappearing चैट्स का प्रयोग करते थे ताकि सबूत न मिल सके। मोनू यादव के मोबाइल से इनके द्वारा पूर्व में बेचे गए तीन अन्य खातों की जानकारी हासिल हुई है। उनके पास से पुलिस ने चार मोबाइल फोन, सात डेबिट कार्ड, एक चैकबुक और एक कार बरामद की है।



