दिल्ली कार धमाके के बाद भड़काऊ सामग्री छापने और विदेशी फंडिंग की जांच हुई तेज, ग्रेनो पहुंची एटीएस की टीम, पुलिस को रखा दूर
यहां से एटीएस ने बीते दिनों दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दी को गिरफ्तार किया था। जिसपर धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने के लिए विदेशी फंडिंग से जुटाए 11 करोड़ रुपये जुटाने का भी आरोप है।

दिल्ली के लालकिले के पास कार में धमाका होने के बाद 10 की जान चली गई थी, जबकि करीब 20 लोग घायल हुए थे। जिसके बाद यूपी एटीएम ने कासना औद्योगिक क्षेत्र स्थित भड़काऊ सामग्री छापने के मामले की जांच तेज कर दी गई है। मंगलवार को चार सदस्यीय टीम ने ग्रेटर नोएडा पहुंचकर एक बार फिर से जांच की। प्रिटिंग प्रेस में एक गेस्ट हाउस भी था। जिसमें विदेशी आकर ठहरते थे। अभी तक की जांच में सामने आया है कि कंपनी के अंदर जाने की परमिशन सिक्योरिटी गार्डो को भी नहीं होती थी।
दरअसल, यहां से एटीएस ने बीते दिनों दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दी को गिरफ्तार किया था। जिसपर धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने के लिए विदेशी फंडिंग से जुटाए 11 करोड़ रुपये जुटाने का भी आरोप है। कंपनी के सेकंड फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया हुआ है। इसमें विदेशी आकर ठहर चुके है। बताया गया है कि जर्मनी, तुर्की, और बांग्लादेशी आकर ठहर चुके है। फरहान नबी सिद्दीकी और उसके कुछ खास लोगों के पास ही विदेशी के आने और ठहरने की जानकारी होती थी।
बता दें कि यूपी एटीएस ने धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने के लिए विदेश से 11 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाने और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने के आरोप में दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दीकी को शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा कासना एरिया से गिरफ्तार किया था। वह ग्रेटर नोएडा में भड़काऊ सामग्री वाली किताबों का प्रकाशन भी करता था। इस रकम से यूपी के अमरोहा और पंजाब में मस्जिद और मदरसे बनाने के लिए जमीनों को खरीदा गया था। एटीएस के मुताबिक फरहान अपने साथी नासी तोर्बा के साथ मिलकर कई कंपनियों का संचालन करता था।



