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Greater Noida: मैदा से लेकर कलाकंद एवं चटनी तक सभी बेची जा रही मिलावटी, प्रशासन ने लगाया दुकानदारों पर भारी जुर्माना

जारचा के योगेश की दुकान से अप्रैल 2022 में लिए गए मैदा के नमूने मानकों पर फेल हो गए। जिसपर 4.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थो बेचने के मामले में अपर जिलाधिकारी प्रशासन की कोर्ट ने छह मामलों में जुर्माना लगाया है। सुनवाई के दौरान दुकानदारों पर 17.10 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। जिनमें चटनी, कलाकंद और पनीर शामिल है। ये सभी मिलावटी पाए गए थे। साथ ही दुकानों पर साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया था।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सितंबर, 2021 में जेवर में आसिफ कुरैशी की मीट की दुकान पर छापेमारी की गई। मौके पर गंदगी के अंबार मिले। साथ ही उसका लाईसेंस भी नहीं मिला है। जिसपर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। 25 अप्रैल, 2022 को सेक्टर स्वर्ण नगरी में विकास शर्मा की दुकान की कैंटीन की जांच की गई। वह बिना पंजीकरण के चला रहा था। उसपर डेढ लाख का जुर्माना लगाया गया है।

जारचा के योगेश की दुकान से अप्रैल 2022 में लिए गए मैदा के नमूने मानकों पर फेल हो गए। जिसपर 4.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, साल 2024 सिरसा से कलाकंद के नमूने लिए गए थे। यह दुकान सुनील कुमार की है। कलाकंद में स्टार्च मिलाया हुआ था। सुनील पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

वहीं, 13 फरवरी, 2025 को सेक्टर-78 स्थित महागुन मार्ट में प्रशांत शर्मा निवासी अलीगढ़ की दुकान से चटनी का नमूना लिया गया था। वह जांच के दौरान सही नहीं पाया गया। प्रशांत की दुकान से लिया गया पनीर का नमूना भी मानकों पर फेल हो गया। दोनों मामलों में दुकानदार पर 4.60-4.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अब सभी दुकानदारों पर कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए 30 दिन में जमा करने का आदेश दिया है।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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