नोएडा में दिखेगी मायावती की ताकत: 6 दिसंबर को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर बड़ी सभा की तैयारी तेज
नोएडा: लखनऊ में 9 अक्टूबर को कांशीराम परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित विशाल रैली के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) अध्यक्ष मायावती अब नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करने जा रही हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 6 दिसंबर को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल व ग्रीन गार्डन, नोएडा में होने वाली श्रद्धांजलि सभा को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
गौतमबुद्ध नगर के बीएसपी जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई मंडलों और जिलों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, भीड़ प्रबंधन, बूथ स्तर की तैयारी और प्रचार-प्रसार पर विस्तृत चर्चा की गई। पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकतम लोगों को कार्यक्रम तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिमी यूपी में खोए जनाधार की पुनर्स्थापना की रणनीति
मायावती की यह नोएडा सभा राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीएसपी का जनाधार लगातार सिमटता दिखाई दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दलित और मुस्लिम वोटरों का एक बड़ा हिस्सा पार्टी से दूर जाता नजर आया, जिसकी वजह से बीएसपी कई जिलों में कमजोर पड़ी।
विपक्षी दलों द्वारा लगातार यह आरोप भी लगाया गया कि पार्टी बीजेपी के इशारे पर चल रही है, जिससे बीएसपी का पारंपरिक वोट बैंक असहज महसूस कर रहा है। इन अटकलों और आरोपों का करारा जवाब देने के लिए मायावती ने लखनऊ में कांशीराम परिनिर्वाण दिवस पर विशाल रैली कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया था।
अब नोएडा में होने वाली यह सभा उसी क्रम की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसके जरिए मायावती नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और पूरे पश्चिमी यूपी में संगठन को गति देकर खोए हुए वोटरों को पुनः जोड़ना चाहती हैं।
बीएसपी संगठन पूरी तरह एक्टिव मोड में
समीक्षा बैठक में यह साफ संकेत दिया गया कि आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीएसपी मैदान में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।
पार्टी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि—
- बूथ स्तर तक सीधे संपर्क अभियान चलाया जाए
- समाज के सभी तबकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाए
- सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन को तेज किया जाए
- पिछले कुछ वर्षों में पार्टी से दूर हुए मतदाताओं को वापस जोड़ा जाए




