नोएडा में CM योगी बोले-पहले ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से होती थी पहचान अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ से जुड़ा प्रदेश
योगी ने कहा कि 8 से 10 साल पहले गरीब को अपना इलाज कराना मुश्किल भरा था। लेकिन पिछले 6-7 सालों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में 50 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये की मुफ़्त हेल्थ सर्विस देने का काम किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरवार को नोएडा सेक्टर-50 स्थित मेदांता अस्पताल 550 बेड के नए अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि अस्पताल ने केवल विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। कोविड में मेदांता ने यूपी की जनता के लिए बहुत अधिक उपयोगी साबित हुआ था। अब एनसीआर में बेहतर स्वाथ्य सुविधा मुहैया कराएगा।
योगी ने कहा कि 8 से 10 साल पहले गरीब को अपना इलाज कराना मुश्किल भरा था। लेकिन पिछले 6-7 सालों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में 50 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये की मुफ़्त हेल्थ सर्विस देने का काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इसका दायरा बढ़ाया है। खास बात यह है कि आयुष्मान भारत, भारत सरकार की एक फ्लैगशिप स्कीम है, जिसे नेशनल हेल्थ पॉलिसी 2017 की सिफारिश के मुताबिक, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के विज़न को पाने के लिए शुरू किया गया था।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को 2018 में झारखंड के रांची में मोदी ने लॉन्च किया था। अब यह दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है, जिसका मकसद 10.74 करोड़ से ज़्यादा गरीब और कमज़ोर परिवारों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। हर परिवार को हर साल पांच लाख का हेल्थ कवर, जो भारत की आबादी के सबसे निचले 40 प्रतिशत हिस्से में आते हैं।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से होती थी पहचान
सीएम ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” से होती थी, आज हर जनपद “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से ही एक साल में 1300 करोड़ रुपये गंभीर रोगियों के उपचार पर व्यय किए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से जारी इंसेफेलाइटिस की समस्या को सरकार ने संयुक्त अभियान चलाकर दो वर्षों में लगभग समाप्त कर दिया।



