150 करोड़ का बकाया, टूटी सड़कें और डूबता बाज़ार: भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे आखिर रुका क्यों है विकास?

नोएडा: भंगेल एलिवेटेड रोड ट्रायल रन के लिए शुरू हो चुकी है। ऊपर गाड़ियां रफ्तार पकड़ रही हैं, लेकिन नीचे का हाल बेहाल है।
भंगेल, सलारपुर और बरोला की ग्रामीण मार्केटों में सड़कें टूटी हुई हैं। नालियां या तो गायब हैं या टूट चुकी हैं। कई जगह लगातार पानी बह रहा है। मार्केट की रौनक कंक्रीट के मलबे और कीचड़ में दब चुकी है। लोगों को उम्मीद थी कि एलिवेटेड रोड खुलने के बाद नीचे का विकास भी जल्द शुरू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इस बीच NOVRA अध्यक्ष डॉ. रंजन तोमर को उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन से मिली आरटीआई ने मामला और उलझा दिया है। कॉरपोरेशन के मुताबिक नॉएडा प्राधिकरण पर मूल्य वृद्धि, जीएसटी अंतर और जून से सितंबर 2025 तक किए गए कार्य का लगभग 150 करोड़ रुपये भुगतान लंबित है। पहले ही 500 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
कॉरपोरेशन का दावा है कि भुगतान रुकने के बावजूद काम नहीं ठप हुआ। लेकिन ज़मीनी हकीकत इस बयान को झुठलाती दिखती है। परियोजना की लागत भी 608 करोड़ से बढ़कर लगभग 650 करोड़ रुपये तक पहुँच चुकी है।
जब तक नॉएडा प्राधिकरण और ब्रिज कॉरपोरेशन के बीच यह विवाद खत्म नहीं होता, तब तक सबसे बड़ी कीमत आम ग्रामीणों को ही चुकानी पड़ेगी। रोज़मर्रा की समस्याएँ उनके लिए यातना बन चुकी हैं।
नोवरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक पंकज सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सवाल साफ है—ऊपर सड़क चल रही है, नीचे ज़िंदगी कब चलेगी?




