साइबर अपराधियों पर कसी गई नकेल, बैंक से 16 करोड़ की ठगी और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला भा किया गिरफ्तार
धार्मिक भावनाओं को भड़काने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। आईवीआर कॉल के जरिए देवी-देवताओं के नाम पर अभद्र, भड़काऊ एवं आपत्तिजनक संदेश प्रसारित किए गए थे।

2025 खत्म होने वाला है। इस साल साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की गई है। साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को देखते हुए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप व वित्तीय सिस्टम में छेड़छाड़ कर फ्रॉड करने वाले गैंग के साथ-साथ बैंक सर्वर हैकिंग एवं धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए आईवीआर कॉल करने वाले आरोपियों का पर्दाफाश किया है।
नैनीताल बैंक सर्वर हैकिंग
साइबर अपराधियों की तरफ से नैनीताल बैंक के सर्वर को हैक कर लगभग 16 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने जैसी घटनाओं खुलासा किया है। सर्वर लॉग, नेटवर्क ट्रैफिक, आईपी ट्रेसिंग एवं अन्य डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर साइबर पुलिस द्वारा इस उच्च-स्तरीय साइबर हैकिंग में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें एक नाइजीरियन भी शामिल था, जोकि विदेशी साइबर सिंडिकेट से जुड़ा पाया गया। इनसे लगभग 3 करोड़ रुपये फ्रीज भी किए गए है।
धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला नेपाल सीमा से गिरफ्तार
धार्मिक भावनाओं को भड़काने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। आईवीआर कॉल के जरिए देवी-देवताओं के नाम पर अभद्र, भड़काऊ एवं आपत्तिजनक संदेश प्रसारित किए गए थे। साइबर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कॉल डेटा विश्लेषण, पीआरआई लाइन की तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रेल को फॉलो करते हुए पाया गया। आरोपी ने कन्हैया झा नाम से फर्जी पहचान बनाकर पीआरआई लाइन एवं अन्य इंटरनेट कॉलिंग सुविधाएं ली थीं। ऑपरेशन चलाकर आरोपी को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने फर्जी कंपनियां बनाकर अवैध इंटरनेट कॉलिंग संचालन का नेटवर्क तैयार कर रखा था।




