Greater Noida: सुपरटेक इको विलेज-1 के फ्लैट की रजिस्ट्री का मसला पहुंचा हाईकोर्ट, मालिकाना हक पर जल्द ही…
सुपरटेक सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि लंबे समय से बिल्डर की तरफ से रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। जबकि काफी बार मांग भी की जा चुकी है।

अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर मालिकाना हक न मिलने पर सुपरटेक ईको विलेज—1 के फ्लैट बॉयर्स ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पिछले दस साल से करीब 5500 फ्लैट बॉयर्स को मालिकाना हक पाने की बाट जोह रहे है। निवासियों का कहना है कि वह बिल्डर, प्राधिकरण और प्रशासन से गुहार लगा चुके है। साथ ही उत्तर प्रदेश प्रदेश सरकार से भी मदद नहीं मिली है। जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा है।
सुपरटेक सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि लंबे समय से बिल्डर की तरफ से रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। जबकि काफी बार मांग भी की जा चुकी है। सोसाइटी में करीब 7932 फ्लैट है। बिल्डर की तरफ से बॉयर्स को उनके घर की चॉबी साल 2015 में सौंपी थी। प्राधिकरण की तरफ से 2017 में रजिस्ट्री करने पर रोक लगा दी गई थी। उस दौरान रजिस्ट्री पर रोक लगाने का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया था। उधर, बिल्डर उनसे पूरा पैसा भी ले चुका है। शुरूआत में करीब 1250 फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई थी। करीब 6700 फ्लैटों का कब्जा दिया जा चुका है।
अभी करीब 5500 फ्लैटों की रजिस्ट्री लंबित है। लोग बिना ओसी सर्टिफिकेट के रहने को मजबूर हैं, जबकि बिल्डर को पूरा भुगतान किया जा चुका है। अब सोशल वेलफेयर एसोसिएशन ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की है।




