उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: पूर्व BJP विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक, 4 हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई
उन्नाव – उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमानत संबंधी आदेश पर रोक लगाते हुए सेंगर को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई भी चार हफ्ते बाद होगी। यानी अभी सेंगर जेल में ही रहेगा।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सेंगर की सजा सस्पेंड करने से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह बेहद भयावह मामला है। उन्होंने अदालत को बताया कि सेंगर पर धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय हुए थे। ऐसे मामलों में न्यूनतम सजा 20 साल की कैद है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालत अभी हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में है। साथ ही CJI ने पूछा कि अगर पीड़िता नाबालिग न भी हो, तो क्या न्यूनतम सजा 20 साल ही लागू होती है? इस पर तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि कानून में संशोधन के बाद 20 साल की न्यूनतम सजा तय है।
यानि साफ है — सुप्रीम कोर्ट इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है और फिलहाल सेंगर की रिहाई पर पूरी तरह ब्रेक लगा दी गई है। मामला अब चार हफ्ते बाद फिर सुना जाएगा।




