घर में प्रवेश करते ही छलक पड़े आंसू, सीजोफ्रेनिया बीमारी की शिकार युवती बोलीं- थैंक्यू योगी अंकल!
वह बुधवार को सीएम से मिलीं और उन्होंने चंदौली के बलराम यादव ने उनके मकान पर कब्जा करने की जानकारी दी। सीएम से 24 घंटे के अंदर न्याय का भरोसा मिला।

लखनऊ में दबंगों की प्रताड़ना की शिकार एक मेजर की बेटी अंजना के लिए नये साल का पहला दिन जमाने भर की खुशियां लेकर आया। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सिर्फ 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उसका करोड़ों का मकान उसे दिलाकर भूमाफियों को बंदी बना लिया। अपने मेजर पिता और भाई-बहन को खोने के बाद से अंजना सीजोफ्रेनिया से जूझ रही हैं और रिहैब सेंटर में हैं।
वह बुधवार को सीएम से मिलीं और उन्होंने चंदौली के बलराम यादव ने उनके मकान पर कब्जा करने की जानकारी दी। सीएम से 24 घंटे के अंदर न्याय का भरोसा मिला। वीरवार को अपने मंकान पर कब्जा मिला तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और मुंह से निकला- ‘गॉड ब्लेस यू योगी अंकल!’ अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। उनका इंदिरा नगर में मकान है। उनका निधन 1994 में हो गया। मेजर भट्ट के एक बेटे व दो बेटियां थीं। उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है।
सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं। सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया। वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें बीमार देख बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और फर्जी कागजों से जमीन अपने नाम करा ली। सीएम के निर्देश बाद 24 घंटे के भीतर समाधान हो गया।




