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Greater Noida: चर्चित निक्की हत्याकांड में हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला, जेठ को जमानत देते हुए दी यह हिदायत

बता दें कि, 22 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली में रुपबास गांव निवासी कंचन ने मुकदमा दर्ज कराया था कि निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उसपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी।

सिरसा गांव में हुए निक्की भाटी की हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए मृतका के जेठ रोहित भाटी को जमानत दे दी है। आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर अभियोजन पक्ष के साक्ष्य आवेदक की प्रत्यक्ष संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं करते हैं। ऐसे में रोहित को जमानत का लाभ दिया जाना उचित है।

बता दें कि, 22 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली में रुपबास गांव निवासी कंचन ने मुकदमा दर्ज कराया था कि निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उसपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। कंचन और उसकी बहन निक्की की शादी 2016 में रोहित और विपिन के साथ हुई थी। गंभीर रूप से झुलसी निक्की की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना का सोशल मीडिया में भी जमकर ट्रॉयल हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान निक्की ने भी बयान दिए थे। डॉक्टरों और नर्सों को अपने बयान में निक्की ने गैस सिलेंडर फटने से झुलसने की बात कही। बाद में परिस्थितियों और पारिवारिक आरोपों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर थिनर की बोतल बरामद की गई थी। उसके बाद जेठ रोहित, सास दया और ससुर सत्यवीर को जेल भेजा था।

हो सकती है जमानत निरस्त
जमानत देते हुए अदालत ने शर्त लगाई कि वह ट्रायल के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। इसके अलावा अभियोजन पक्ष के गवाहों को डराने-धमकाने या प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा। आदेश से पहले जमानत देने वालों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह नियमों का उल्लघंन करता है तो उसकी जमानत निरस्त कर दी जाएगी।

अभियोजन पक्ष ने किया कड़ा विरोध
वहीं, मृतका पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक गंभीर अपराध है और सभी आरोपी एक ही परिवार से हैं, जिससे साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी रहेगी। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मृतका के बेटे के बयान में आवेदक का नाम नहीं है और इस स्तर पर रोहित की सीधी भूमिका स्पष्ट नहीं होती।

आरोपियों के अधिवक्ता एवं गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी और अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया कि गुरुवार को सत्र अदालत में जमानती दाखिल कर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई तो शनिवार तक रोहित की जेल से रिहाई संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि ससुर सत्यवीर को भी जल्द हाईकोर्ट से जमानत मिलने की उम्मीद है।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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