Noida: इंजीनियर की मौत की जांच करेगी SIT, योगी सरकार ने मंडलायुक्त के नेतृत्व में गाठित की तीन सदस्यीय टीम
घटना के विरोध में यूरेका सोसाइटी निवासियों के अलावा शहरवासियों ने कैडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने रविवार को इस घटना पर संज्ञान लेते हुए सड़क पर ब्लिंकर और संकेतक नहीं लगे होने की शिकायत पर यातायात प्रकोष्ठ के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

सेक्टर—150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को हटाकर प्रतीक्षारत सूची में डाल दिया है। साथ ही योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया है। सीएम योगी के आदेश पर मेरठ मंडलायुक्त के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। तीन सदस्यीय टीम में एडीजी जोन मेरठ व चीफ इंजीनियर PWD भी शामिल है। पांच दिनों में एसआईटी को जांच कर रिपोर्ट सीएम को सौंपनी होगी।
घटना के विरोध में यूरेका सोसाइटी निवासियों के अलावा शहरवासियों ने कैडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने रविवार को इस घटना पर संज्ञान लेते हुए सड़क पर ब्लिंकर और संकेतक नहीं लगे होने की शिकायत पर यातायात प्रकोष्ठ के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर—150 में एटीएस ली ग्रैंडियोस सोसाइटी के टी पॉइंट पर जिस जगह यह हादसा हुआ। उसके दोनों तरफ निर्माणाधीन बेसमेंट का गड्ढ़ा है। जिसका फाउडेंशन भी तैयार करते हुए उसमें सरिया के पिलर लगे हुए है। टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी 27 वर्षीय युवराज की कार नाले की बाउंड्रीवॉल को तोड़ती हुई सीधे बेसमेंट के गड्ढ़े में जा गिरी थी। कार समेत बेसमेंट में वह करीब 12 बजे जा गिरे थे, जबकि करीब चार बजे उन्हें बाहर निकाला गया था। मौके पर मौजूद दमकल, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौजूद रही। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।




