नोएडा में ‘धारा 10’ का सख़्त डंडा: 45 साल की लापरवाही पर एक साथ गिरी गाज, PS जैन ने उठाए तीखे सवाल

नोएडा – नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया है। सेक्टर 28, 29, 37 समेत कई इलाकों में भवन और भूखंड स्वामियों को धारा 10 के तहत अतिक्रमण व अतिरिक्त निर्माण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के साथ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर संभावित रोक की चेतावनी ने हजारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है।
इस पूरे मामले पर CONRWA (नोएडा चैप्टर) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. जैन ने सवाल उठाया है कि जब पिछले 45 वर्षों से अतिरिक्त निर्माण खुलेआम होता रहा, तब प्राधिकरण और प्रशासन की निगरानी कहां थी। अचानक की गई सख़्त कार्रवाई को उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही और प्रणालीगत भ्रष्टाचार का नतीजा बताया।
पत्र में चेताया गया है कि बिना समग्र नीति के केवल नोटिस थमाने से जनाक्रोश बढ़ेगा और सरकार-प्राधिकरण के प्रति भरोसा कमजोर होगा। CONRWA ने मांग की है कि पूरे नोएडा में अतिरिक्त निर्माण का सर्वे कर एक स्पष्ट, व्यावहारिक और समान नीति बनाई जाए, ताकि नियमों के अनुसार निर्णय हो और आम नागरिकों को राहत मिले।
नोएडा को उत्तर प्रदेश की “शो-विंडो” बताते हुए संगठन ने कहा है कि टुकड़ों में की गई कार्रवाई से शहर की छवि प्रभावित होगी। अब मामला सिर्फ अतिक्रमण का नहीं, बल्कि जवाबदेही और विश्वास का बन चुका है—और निगाहें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं।




