Greater Noida: शोकसभा में बोले इंजीनियर के पिता-बेटा तो वापस नहीं आ सकता, कार्रवाई ऐसी हो कि दूसरा युवराज ने हो त्रासदी का शिकार
युवराज मेहता मौत मामले में आज विशेष जांच टीम को सीएम योगी को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौपनी है। एसआईटी ने शुक्रवार को नौ घंटे के अंदर 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए थे।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटने के बाद शनिवार को उनकी जगह प्रभारी चार्ज कृष्णा करुणेश को सौंपा गया है। यह पहले भी नोएडा प्राधिकरण में एसीईओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। कृष्णा करुणेश 2011 बैच के आईएएस अधिकारी और मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह गोरखपुर के डीएम भी रह चुके हैं। इससे पहले वे गाजियाबाद में एसडीएम, मुख्य विकास अधिकारी व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के पद पर तैनात रहे।
युवराज मेहता मौत मामले में आज विशेष जांच टीम को सीएम योगी को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौपनी है। एसआईटी ने शुक्रवार को नौ घंटे के अंदर 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए थे। वहीं, सेक्टर—150 में एक निर्माणाधीन बिल्डर साइट के बेसमेंट के गड्ढे भरे पानी में गिरने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में यूरेका पार्क सोसाइटी में शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराया, और युवराज को बचाने वाले युवक मुनेंद्र को भी धन्यवाद दिया।
युवराज मेहता की शोक सभा में सोसाइटी के लोग मौजूद रहे सभी ने पुष्पर्पित कर श्रद्धांजलि दी, इस शोक सभा में सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और दादरी विधानसभा विधायक तेजपाल नागर भी पहुंचे। शोक सभा के दौरान युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता ने मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से बेटे युवराज की दुखद और असमय मौत हुई है। मीडिया उनकी आवाज बनी है। इस मामले पर सही दिशा दी जिससे कि गैर जिम्मेदाराना अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित सजा दिलाई जा सके।
उन्होंने कहा कि युवराज ने आखिरी समय तक पानी में जिदंगी बचाने के लिए संघर्ष किया। प्रशासन को भी करीब दो घंटे तक का पर्याप्त समय दिया। लेकिन बचाव दल ने बहुत लापरवाही दिखाई। जबकि युवराज को आसानी से बचाया जा सकता था। हम युवराज को तो कभी न्याय नहीं दिला सकते क्योंकि वह अब कभी वापस नहीं आएगा। लेकिन यह जरूर चाहते हैं कि इस क्रम में लापरवाह विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई दूसरा युवराज इस प्रकार की त्रासदी में न जाए।



