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न्यू नोएडा बसाने की तैयारी तेज: लैंड पुलिंग नीति से किसानों को 25% विकसित जमीन वापस, मुआवजा भी बढ़ेगा

ग्रेटर नोएडा/नोएडा – न्यू नोएडा के विकास को लेकर नोएडा अथॉरिटी ने नई लैंड पुलिंग नीति का खाका तैयार किया है। इस नीति के तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का 25% हिस्सा विकसित कर किसानों को वापस दिया जाएगा, जबकि शेष 75% जमीन पर औद्योगिक एवं शहरी विकास किया जाएगा। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा राशि बढ़ाकर लगभग 8,000 रुपये प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।
🔎 क्या है लैंड पुलिंग नीति?
लैंड पुलिंग नीति के तहत किसानों की जमीन सीधे अधिग्रहित करने के बजाय उसे विकास के लिए एकत्रित किया जाएगा। विकास कार्य पूरा होने के बाद जमीन का एक निश्चित हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में किसानों को वापस मिलेगा।
📌 नीति की प्रमुख बातें
- अधिग्रहित जमीन का 25% विकसित कर किसानों को लौटाया जाएगा
- शेष 75% भूमि पर औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक विकास
- किसानों के लिए मुआवजा दर लगभग ₹8,000 प्रति वर्गमीटर प्रस्तावित
- क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश की संभावना
- रोजगार सृजन और रियल एस्टेट को बढ़ावा
🌾 किसानों को क्या लाभ?
- विकसित प्लॉट मिलने से जमीन का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है
- बढ़ी हुई मुआवजा राशि से तत्काल आर्थिक लाभ
- औद्योगिक विकास से परिवारों को रोजगार के अवसर
- क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) में सुधार
🏭 औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
- न्यू नोएडा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
- बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी
- लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी सेक्टर को प्राथमिकता
- यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी का लाभ



