Greater Noida: स्क्रैप और सरिया माफिया को मिली जमानत, बिना अनुमति के नहीं छोड़ सकेगा देश
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने कड़ी शर्तो के साथ अग्रिम जमानत मंजूर की है। गिरफ्तारी की स्थिति में 35 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती पर रिहाई। आरोपी किसी भी गवाह या संबंधित व्यक्ति को प्रभावित नहीं करेगा।

ग्रेटर नोएडा के सबसे बड़े स्क्रैप और सरिया माफिया रवि काना को बुधवार को जिला न्यायालय ने जमानत दे दी है। रविकाना पर सेक्टर-63 कोतवाली में रंगदारी और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया थाा। जिसपर सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसे अग्रिम जमानत दे दी है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने कड़ी शर्तो के साथ अग्रिम जमानत मंजूर की है। गिरफ्तारी की स्थिति में 35 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती पर रिहाई। आरोपी किसी भी गवाह या संबंधित व्यक्ति को प्रभावित नहीं करेगा। सात दिन के भीतर विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करेगा। बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति देश नहीं छोड़ेगा।
बता दें कि सेक्टर—63 कोतवाली में 14 जनवरी को रिनॉक्स ग्रुप के कार्यालय के मालिक ने शैलेन्द्र शर्मा ने ट्राइसिटी से जुड़े पंकज पाराशर पर 2021 से 2024 के बीच उनके प्रोजेक्ट्स की वीडियो बनवाकर वायरल करने और काम रुकवाने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाए थे कि वीडियो न चलाने पर करीब 20 लाख रुपये लिए गए। 14 अगस्त 2023 को कंपनी खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 20 अक्तूबर 2023 को 11.96 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
आरोप है कि इस मामले में रवि काना की भी एंट्री हुई। पैसे न देने पर रवि काना से धमकी दिलवाई गई। यह धमकी आरोपी ने पत्रकार पंकज के कहने पर दी। जमानत अर्जी में कहा गया है कि करीब पांच साल बीत जाने के बाद यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। रंगदारी की घटना 2021 की बताई गई, जबकि मुकदमा 2026 में दर्ज किया गया है। उसे झूठा फंसाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के बयान और बैंक दस्तावेज केस डायरी में संलग्न हैं। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अग्रिम जमानत का पर्याप्त आधार बनता है। साथ ही अदालत ने यह टिप्पणी भी दर्ज की कि किसी अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाना आपत्तिजनक है।




