Greater Noida: निक्की हत्याकांड में बड़ा अपडेट, सास को मिली इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत
पड़ोसी दुकान के फुटेज में घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को घर की ओर भागते देखा गया। अगर आरोपी स्वयं घटना में शामिल होतीं तो वह पीड़िता को अस्पताल ले जाने और उपचार में सहयोग नहीं करतीं।

ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में निक्की की सास दया को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मुलजिम पक्ष के अधिवक्ता अमित भाटी ने जमानत की पुष्टि की। हालांकि, इस हत्याकांड में अभी मुख्य आरोपी अभी विपिन भी जेल में बंद हैं। निक्की हत्यकांड में उसके जेठ रोहित और ससुर सतवीर को भी कुछ दिन पहले ही जमानत मिल चुकी है।
यह घटना कासना कोतवाली से संबंधित है। निक्की की शादी आरोपी विपिन भाटी के साथ हुई थी। आरोपी दया मृतका की निक्की की सास हैं। आरोपी पति ने निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। निक्की की बहन कंचन की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया कि सास ने पति को थिनर (ज्वलनशील पदार्थ) थमाया, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया था।
पड़ोसी दुकान के फुटेज में घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को घर की ओर भागते देखा गया। अगर आरोपी स्वयं घटना में शामिल होतीं तो वह पीड़िता को अस्पताल ले जाने और उपचार में सहयोग नहीं करतीं। कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि सह-आरोपी मृतका के जेठ रोहित और ससुर सत्वीर को पूर्व में जमानत मिल चुकी है।
वहीं वादी पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2025 की एक वीडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी सास निक्की के साथ मारपीट करती दिखाई देती हैं, जो उनके पूर्व आचरण को दर्शाती है। साथ ही एफआईआर में उन्हें नामजद आरोपी बनाया गया है और उन पर ज्वलनशील पदार्थ देने की विशिष्ट भूमिका है।
न्यायमूर्ति ने अपने बयान में कहा कि प्रत्यक्षदर्शी निक्की के पुत्र के बयान से स्पष्ट है कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं थीं। विचाराधीन मुकदमे के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना फिलहाल प्रतीत नहीं होती। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अभी मुख्य आरोपी निक्की का पति विपिन भाटी जेल में है।
जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए विशेष प्रश्न के जवाब में उसने सास सहित अन्य परिजनों की मौजूदगी से इनकार किया। बचाव पक्ष ने अस्पताल और पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। अस्पताल के फुटेज में आवेदिका घायल बहू को स्ट्रेचर पर चढ़ाने और भर्ती कराने में मदद करती दिख रही हैं।
न्यायमूर्ति ने अपने बयान में कहा कि प्रत्यक्षदर्शी निक्की के पुत्र के बयान से स्पष्ट है कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं थीं।




