ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग तेज, 15 मार्च को जंतर-मंतर पर होगा बड़ा प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी की लंबे समय से लंबित मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में अब तक मेट्रो सुविधा नहीं पहुंच पाने से नाराज़ स्थानीय निवासी 15 मार्च 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण लेकिन बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व क्षेत्र की प्रमुख सामाजिक संस्था नेफोवा (NEFOWA) कर रही है।
निवासियों का कहना है कि एनसीआर का हिस्सा होने के बावजूद ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समस्याएं केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं। मजबूरी में उन्हें दिल्ली आकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है, ताकि प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार के अधिकारी इस क्षेत्र की जमीनी हकीकत समझ सकें।
यहां रोज़ाना लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे समय, ईंधन और स्वास्थ्य—तीनों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जहां कम आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार को मंजूरी मिल चुकी है, वहीं अत्यधिक घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की परियोजना अब तक लटकी हुई है।
नेफोवा फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रो प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेज दिया था, लेकिन उसके बाद से यह फाइल अटकी हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब तीन बार डीपीआर को निरस्त कर रूट बदला गया और वर्तमान में मेट्रो की फाइल पीएमओ स्तर पर लंबित है। इस देरी का सीधा खामियाजा क्षेत्र के लाखों निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 मार्च को हजारों की संख्या में लोग दिल्ली पहुंचकर अपनी मांग मजबूती से रखेंगे।
वहीं, स्थानीय निवासी दीपांकर कुमार ने उम्मीद जताई कि इस प्रदर्शन के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए मेट्रो विस्तार को जल्द मंजूरी मिलेगी और परियोजना का रास्ता साफ होगा।
नेफोवा ने सभी निवासियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस न्यायोचित मांग में साथ आएं, ताकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जल्द से जल्द मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सके।




