क्रासिंग रिपब्लिक की ASG Apple-7 सोसायटी में बड़ा फर्जीवाड़ा: एक ही फ्लैट कई खरीदारों और बैंकों को बेचकर करोड़ों का घोटाला, बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गाजियाबाद – क्रासिंग रिपब्लिक स्थित एएसजी एप्पल-7 सोसायटी में फ्लैटों को फर्जीवाड़ा कर कई बार बेचने और बैंकों से लोन लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
फ्लैट खरीदारों की शिकायत पर आयुक्त के आदेश पर बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपित बिल्डर पर मेरठ में भी कई मुकदमे दर्ज हैं और यूपी रेरा ने ग्रेटर नोएडा में फर्जी दस्तावेज बनाने का केस दर्ज कराया हुआ है। बिल्डर जेल में बंद हैं।
कई खरीदारों को बेचने का आरोप
फ्लैट खरीदारों का आरोप है कि एएसजीआइ प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों ने एक ही फ्लैट को कई खरीदारों और बैंकों को बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इससे न सिर्फ खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि वित्तीय संस्थानों को भी नुकसान पहुंचा है। शिकायत के अनुसार कम से कम 10 फ्लैट ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें एक से अधिक लोगों को बेचा गया और साथ ही बैंक में गिरवी भी रखा गया। इन फ्लैटों में टावर एस2ए के कई यूनिट शामिल हैं।
आरोप है कि इस पूरे खेल में फर्जी दस्तावेज, जाली रद्दीकरण पत्र और रिकार्ड में हेरफेर का सहारा लिया गया। एओए अध्यक्ष का कहना है कि कई मामलों में यूपी रेरा और उच्च न्यायालय में सुनवाई लंबित होने के बावजूद डेवलपर ने उन्हीं फ्लैटों की दोबारा बिक्री कर दी।
यह केवल सिविल विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित आपराधिक साजिश है। एओए अध्यक्ष दीपांशु जैन का कहना है कि जब खरीदारों और एओए पदाधिकारियों ने इस मामले को उठाया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई दी गईं।
एओए ने बताया कि डेवलपर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और एक मामले में वह न्यायिक हिरासत में है, इसके बावजूद धोखाधड़ी का सिलसिला जारी है। एओए ने पुलिस से मांग की है कि पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आगे होने वाली अवैध बिक्री को रोका जाए।




