Noida: दादरी सरकारी अस्पताल में बदहाली, सफाई कर्मचारी और दवाई देने वाले बनाते है पर्ची
मरीजों का कहना है कि वे अपने जरूरी काम छोड़कर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उनका नंबर नहीं आ पाता। इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों पर पड़ रहा है,

ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। यहां मरीजों और उनके परिजनों को पर्ची बनवाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, अस्पताल में पर्ची बनाने का कार्य प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटरों के बजाय स्वीपर अमित, वार्ड बॉय रिनसु, और डी-फार्मा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों से कराया जा रहा है। इनमें से कई कर्मियों को कंप्यूटर संचालन का पर्याप्त अनुभव नहीं है, जिसके चलते पर्ची बनाने की प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है।
मरीजों का कहना है कि वे अपने जरूरी काम छोड़कर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उनका नंबर नहीं आ पाता। इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें लंबी कतारों में खड़े रहना मजबूरी बन गया है। दादरी सरकारी अस्पताल पर सवाल यह भी उठता है कि जब सफाई कर्मचारी पर्ची बनाएगा तो हॉस्पिटल की सफाई कौन करेगा, दूसरा सवाल जब वार्ड बॉय पर्ची बनाएगा तो इमरजेंसी में पट्टी कौन करेगा, तीसरा सवाल जो बच्चे कॉलेज से डी फार्मा करके 3 महीने की ट्रेनिंग करने के लिए आते हैं उनको भी पर्ची पर लगा दिया जाता है यदि डी फार्मा ट्रेंनिंग वाला बच्चा पर्ची बनाएगी तो वह दवाई वितरण
रहना मजबूरी बन गया है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए और पर्ची बनाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इस संबंध में गौतम बुद्ध नगर के जिला चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इस संबंध में दादरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी रविंद्र कुमार से भी बात की फोन पर तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अपना पल्ला झाड़ते दिखाई दिए।




