नोएडा में किसानों का गुस्सा फूटा: पंचायत में बड़ा फैसला, प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन की खुली चेतावनी

नोएडा- नोएडा में भारतीय किसान यूनियन (मुलायम) की ओर से ग्राम होशियारपुर में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की गई, जिसकी अगुवाई जिला अध्यक्ष बिन्नू भाटी ने की। पंचायत में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि विकास के नाम पर उनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा।
पंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 7 या 8 तारीख को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से मुलाकात करेगा और अपनी मांगों को मजबूती से रखेगा। किसानों ने साफ संकेत दिया कि यह सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि अधिकार की लड़ाई होगी।
किसानों की प्रमुख मांगों में 10% प्लॉट का अधिकार, बैकलीज (लीज बैक) की समस्या का समाधान, बिना मुआवजा लिए जमीन वापस करना, आबादी को यथास्थान बनाए रखना और शिफ्टिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करना शामिल है। इसके साथ ही किसानों ने मुआवजा दर को बढ़ाकर कम से कम 10,000 रुपये प्रति गज करने और भूमिहीन गरीबों को 50 गज के प्लॉट देने की भी मांग रखी।
विकास के मुद्दों पर भी किसानों ने प्रशासन को घेरा। उन्होंने गांवों की टूटी सड़कों के निर्माण, खेल मैदानों की व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, बरातघर निर्माण और बिजली-पानी-सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं को तुरंत चालू करने की मांग की। खासतौर पर सीवर की समस्या को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई, जो 2009 से लंबित बताई जा रही है।
किसानों ने यह भी कहा कि दिल्ली के पास होने और जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट आने के बावजूद स्थानीय किसानों को उसका लाभ नहीं मिल रहा, बल्कि उन्हें उपेक्षा और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस पंचायत में डॉ. रतन पाल, गुलाब, जयवीर, अरुण भाटी, मनवीर भाटी, अखिलेश सिंह, राजीव, राजू, राजवीर, रामलाल यादव, राकेश यादव, जयवीर यादव, मखन सिंह यादव, मुकेश यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।
अंत में किसानों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा — और इस बार सिर्फ आवाज नहीं, असर भी दिखेगा।




