Noida: युवराज मेहता जैसा नोएडा में फिर हुआ हादसा, प्राधिकरण की लापरवाही की वजह से गई छात्र की जान
गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला हर्षित भट्ट अपने तीन अन्य साथियों के साथ परीक्षा खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने सुपरनोवा के पास एक खाली निर्माण स्थल पर गया था।

नोएडा प्राधिकरण और निजी बिल्डरों की लापरवाही एक बार फिर से सामने आई है। युवराज की मौत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है और फिर एक छात्र की मौत हो गई। यह घटना सेक्टर-126 क्षेत्र के खाली पड़े पुराने निर्माण स्थल पर भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। वह परीक्षा देकर लौट रहा था।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला हर्षित भट्ट अपने तीन अन्य साथियों के साथ परीक्षा खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने सुपरनोवा के पास एक खाली निर्माण स्थल पर गया था। मस्ती के दौरान हर्षित पास में ही भरे गहरे पानी में नहाने के लिए उतरा, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह गड्ढा उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा। हर्षित को डूबता देख हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर डॉयल-112 और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं, डीसीपी साद मियां खान भी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नोएडा प्राधिकरण पर एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। पुराने निर्माण स्थलों पर खुले पड़े ये गहरे गड्ढे मौत का जाल बन चुके हैं। युवराज की मौत के बाद भी आखिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए? फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इससे पहले सेक्टर—150 स्थित निर्माणाधीन एक बिल्डर प्रोजेक्ट की साइट में गिरने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। उसके बाद शासन ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया था।



