सुपरटेक घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत: सभी परियोजनाएं NBCC करेगा पूरा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नोएडा- आज सुप्रीम कोर्ट में सुपरटेक लिमिटेड से जुड़े महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान घर खरीदारों के हित में एक बड़ा निर्णय सुनाया गया। न्यायालय ने अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) हितेश गोयल को सुपरटेक की सभी परियोजनाओं से हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब परियोजनाओं का कार्य समिति की निगरानी में पूरा किया जाना है, तो IRP की भूमिका आवश्यक नहीं रह जाती।
इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सुपरटेक की 14 परियोजनाएं NBCC (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) द्वारा पूरी की जानी थीं। आज के आदेश में न्यायालय ने इसे और विस्तारित करते हुए सुपरटेक की सभी लंबित परियोजनाओं को NBCC द्वारा पूरा कराए जाने का निर्देश दिया है। यह निर्णय हजारों घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो वर्षों से अपने घरों के इंतजार में हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट का अहम रुख: IRP हितेश गोयल को नहीं मिली राहत
दूसरी ओर, मार्च 2026 में IBBI द्वारा IRP हितेश गोयल का पंजीकरण दो वर्षों के लिए निलंबित किए जाने के मामले में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। हितेश गोयल ने इस निलंबन आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में स्टे की मांग की थी।
नेफोवा (NEFOWA) को इस संभावित कदम की जानकारी थी, जिसके चलते संगठन के आग्रह पर सैकड़ों घर खरीदारों ने एमिकस क्यूरी को ईमेल के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। साथ ही, नेफोवा द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में कैविएट भी दाखिल की गई थी।
परिणामस्वरूप, दिल्ली हाई कोर्ट ने हितेश गोयल को तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया और स्टे देने पर रोक लगा दी। न्यायालय ने नेफोवा को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि हितेश गोयल को स्टे क्यों न दिया जाए।
घर खरीदारों की जीत
इन दोनों घटनाक्रमों को घर खरीदारों की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से अपने घरों की आस लगाए बैठे हजारों परिवारों को अब परियोजनाओं के पूर्ण होने की उम्मीद जगी है। नेफोवा लगातार घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रहा है और यह निर्णय उसी प्रयासों का परिणाम है।




