Noida: नोएडा हिंसा का कौन है मास्टरमांइड? जानिए WhatsApp ग्रुप्स से आया इस संगठन का नाम सामने
आउटसोर्सिंग एजेंसियां एवं संविदाकारों की उद्योगों चलाने और रोजगार मुहैया कराने में अहम भूमिका होती है।

नोएडा हिंसा के मामले में सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में बुधवार को गठित उच्च स्तरीय समिति ने एक बैठक की। बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसी संचालक, औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, यूपी सरकार के एमएसएमई अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम एमकेएस सुंदरम आदि मौजूद रहे।
आउटसोर्सिंग एजेंसियां एवं संविदाकारों की उद्योगों चलाने और रोजगार मुहैया कराने में अहम भूमिका होती है। हिंसा में कर्मचारी एवं श्रमिक शामिल होते है तो उस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उसकी लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा श्रम आयुक्त ने जॉइनिंग के दौरान कर्मचारी और श्रमिकों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा भविष्य निधि(पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा(ईएसआई) की कटौती भी नियमानुसार कराने के निर्देश दिए है।
Noida Protest मामले में एक संगठन का नाम आया है। हिंसा फैलाने के मामले में 17 व्हाट्सएप ग्रुप का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 500 आरोपी गिरफ्तार किए है। बिगुल दस्ता नाम के संगठन के रूपेश राय संचालित करता है। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जहां से श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया था।




