Noida: नोएडा हिंसा मामले में हटाए गए DCP-ACP, शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल जोन का नया कार्यभार, दीक्षा बनी एसीपी
कर्मचारियों ने सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की थी।

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर 9 अप्रैल को श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने पर श्रमिकों ने 13 अप्रैल को सड़कों पर उतर आए। रोकने की कोशिश करने पर झड़प हुई और गुस्साई भीड़ ने गाड़ियों पर पथराव कर आगजनी की।
कर्मचारियों ने सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की थी। सेक्टर-85 में डिक्सन कंपनी का गेट तक तोड़ा था। सेक्टर—62 और DND फ्लाइओवर के पास सड़क जाम की थी। हालात को संभालने के लिए कुछ इलाकों में पीएसी और आरएएफ उतारी गई। प्रदर्शनकारियों ने दूसरे दिन 14 अप्रैल को भी हिंसक उपद्रव मचाने की कोशिश की थी।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपी को पूरी घटना का षंडयंत्र कारी माना है। श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद एक हजार से अधिक लोगों को जेल भी भेजा गया। साथ ही दो पाकिस्तानी एक्स हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, बिहार की आरजेडी की प्रवक्ता कंचन यादव और प्रियंका भारती पर के खिलाफ भी एक्शन हुआ और मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एसीपी उमेश कुमार को हटा दिया है। जबकि नोएडा सेंट्रल के डीसीपी शैव्या गोयल अवकाश पर चली गईं हैं। उनके पैर में चोट लगी है। इस कारण से वह छुट्टी पर हैं।
शैव्या गोयल की जगह डीसीपी यातायात शैलेंद्र सिंह को प्रभारी डीसीपी सेंट्रल नोएडा जोन बनाया गया है। वहीं, एसीपी दीक्षा सिंह को सेंट्रल नोएडा का नया एसीपी बनाया गया है। कमिश्नर ने कहा कि श्रमिकों के आंदोलन और उग्र प्रदर्शन को लेकर जांच और समीक्षा की गई। इसमें कुछ लोगों की लापरवाही मिली है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी।




