Noida: नोएडा हिंसा मामले में कंपनी के ठेकेदार पर हुआ बड़ा एक्शन, 25 के लाईसेंस निरस्त
जिसके बाद शासन के आदेश पर वेतन में बढ़ोतरी की गई। उसके बाद से जिला प्रशासन की तरफ से श्रमिकों के हितों को संभालने के लिए हर जरुरी उपाय किए जा रहे है।

नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर 9 अप्रैल को शुरू हुए प्रदर्शन ने 13 अप्रैल को उग्र रुप ले लिया। गुस्साई भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव करते हुए आगजनी की। 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की थी। सड़कें तक जाम की गई। हालात को संभालने के लिए कुछ इलाकों में आरएफ और पीएसी उतारी गई थी।
जिसके बाद शासन के आदेश पर वेतन में बढ़ोतरी की गई। उसके बाद से जिला प्रशासन की तरफ से श्रमिकों के हितों को संभालने के लिए हर जरुरी उपाय किए जा रहे है। मंगलवार को 25 ठेकेदारों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। सभी पर श्रम कानून की अनदेखी का आरोप है। अपर श्रमायुक्त गौतम बुद्ध नगर राकेश द्विवेदी ने बताया कि औद्योगिक शांति और श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रम विभाग लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई कर रहा है।
विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन में अनियमितताएं पाई गई थीं। ऐसे में कई कंपनियों के ठेकेदारों की तरफ से श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा था। अनियमितता पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 25 ठेकेदारों की तरफ से नोटिस का जवाब नहीं देने पर उनका लाइसेंस निरस्त किया गया है। साथ ही संबंधित ठेकेदारों की सूची कर्मचारी राज्य बीमा निगम(ईएसआई) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(पीएफ) को भी भेजी गई है।




