Noida: 16 साल पहले हुई हत्या में पिता कोर्ट से बरी…बदला लेने के लिए सेफ्टी ऑफिसर को गोलियों से भूना!
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि दीपक नागर हत्याकांड में शामिल दो मुख्य आरोपी किसी अन्य वारदात या भागने की फिराक में डी पार्क सर्विस रोड के पास छिपे हुए हैं।

ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के वैदपुरा गांव में ड्यूटी पर जा रहे एक सेफ्टी ऑफिसर को पांच से छह गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड का न सिर्फ पर्दाफाश किया, बल्कि गुरुवार को एक मुठभेड़ के बाद दो मुख्य शूटरों को घायल अवस्था गिरफ्तार किया और साजिश रचने वाले चार अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि दीपक नागर हत्याकांड में शामिल दो मुख्य आरोपी किसी अन्य वारदात या भागने की फिराक में डी पार्क सर्विस रोड के पास छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे वहीं ढेर हो गए। जिनकी पहचान हर्ष उर्फ राधे और जगत सिंह के रुप में हुई है। दोनों घायल आरोपियों को तुरंत पुलिस कस्टडी में उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। बदमाशों के कब्जे से 02 तमंचे (315 बोर), 02 जिंदा कारतूस और 02 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि हत्या की साजिश रचने वाले 4 आरोपी नवीन, अभी उर्फ अभय, आकाश, मोगली उर्फ पवन परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. आप को बता दे कि वैदपुरा गांव के बाहर बदमाशों ने दीपक नागर नाम के युवक को उस समय अपना निशाना बनाया था जब वह काम पर जा रहा था। बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दीपक को छलनी कर दिया था। सूचना पर तत्काल फील्ड यूनिट, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। दीपक को लहूलुहान हालत में अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हर्ष के पिता कल्लू की 2010 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की घटना में मृतक दीपक के पिता अशोक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, जिला न्यायालय ने हालही में अशोक को कल्लू की हत्या में बरी कर दिया था।




