निजी अस्पतालों की मनमानी फीस पर अंकुश लगाने की मांग, डॉ. पी.एस. जैन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को भेजा ज्ञापन

नोएडा – कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए (CONRWA) के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन एवं सचिव जनरल अनिल शर्मा ने निजी अस्पतालों में चिकित्सा शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अनेक निजी अस्पतालों में उपचार, जांच, सर्जरी तथा अन्य चिकित्सकीय सेवाओं के लिए मनमाने ढंग से शुल्क वसूला जाता है। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों को उपचार संबंधी पूरी जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे वे आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। संगठन ने मांग की है कि किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया अथवा उपचार से पूर्व मरीज और उसके परिजनों की विधिवत सहमति लेना अनिवार्य किया जाए।
डॉ. पी.एस. जैन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा हृदय रोगियों के लिए स्टेंट की अधिकतम कीमत निर्धारित किए जाने से मरीजों को राहत मिली है, लेकिन कई अस्पताल स्टेंट लगाने, देखभाल तथा अन्य सेवाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूल लेते हैं। इसलिए सभी प्रकार के उपचार, जांच, सर्जरी और चिकित्सा सेवाओं की अधिकतम दरें भी निर्धारित की जानी चाहिए, जो बीमा कंपनियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा स्वीकृत दरों से अधिक न हों।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जब निजी अस्पताल बीमा कंपनियों और सरकारी कर्मचारियों को निर्धारित दरों पर सेवाएं प्रदान करते हैं, तो आम नागरिकों से अधिक शुल्क लेना उचित नहीं है। इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा स्पष्ट नियम बनाए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
संगठन ने अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इनमें सभी प्रकार की जांचों, उपचारों और सर्जरी की दरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना, विभिन्न श्रेणी के कमरों एवं बेडों की संख्या और शुल्क की जानकारी उपलब्ध कराना, निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित बेडों का विवरण सार्वजनिक करना तथा मरीज की बीमारी, चिकित्सक का नाम और विजिटिंग शेड्यूल बेड के पास प्रदर्शित करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त मरीजों के परिजनों को नियमित रूप से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने, दवाइयों की लिखित सूची देने तथा मरीज को अस्पताल या बाजार से अपनी सुविधा अनुसार दवा खरीदने की स्वतंत्रता देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में आईसीयू, आईसीसीयू और सीसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए सम्मानजनक प्रतीक्षालय एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य करने का भी आग्रह किया गया है।
डॉ. पी.एस. जैन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और शुल्क नियंत्रण लागू होने से करोड़ों गरीब एवं मध्यमवर्गीय नागरिकों को राहत मिलेगी तथा सभी के लिए सुलभ, पारदर्शी और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रेषित की गई है।




