Noida: हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से टेंशन, चोटपुर कॉलोनी में जलभराव, ताजेवाला से फिर छोड़ा गया पानी
चोटपुर कॉलोनी में करीब 60 हजार से अधिक मकान है। हिंडन के किनारे होने की वजह से हर साल बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या होती है।

हिंडन नदी में सोमवार को जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद हिडन के किनारे बसी कॉलोनियों और अन्य निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, जिला प्रशासन अभी स्थिति सामान्य बता रहा है। उधर, चोटपुर कॉलोनी में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों में बीमारी फैलने की आंशका भी बढ़ गई है। चोटपुर निवासी अजब ने बताया कि गलियों से लेकर मकानों तक पानी भर गया है।
चोटपुर कॉलोनी में करीब 60 हजार से अधिक मकान है। हिंडन के किनारे होने की वजह से हर साल बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या होती है। कई गलियां पानी में डूब गई और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसी गंदे पानी से होकर निकल रहे हैं। लोगों का कहना है कि जलभराव के साथ बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। उधर, ताजेवाला से सोमवार को 352 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, रविवार को भी 352 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
सिंचाई विभाग के मुताबिक यमुना का जलस्तर 194.60 मीटर पर है, जबकि खतरे का लाल निशान 200.600 मीटर पर है। इसी तरह से हिंडन का जलस्तर 199.5 मीटर पर दर्ज किया गया है, वहीं हिंडन में खतरे का लाल निशान 205.08 मीटर है। दोनों नदियों का पानी फिलहाल खतरे से काफी नीचे है। जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, हिंडन बैराज (गाजियाबाद) पर अपस्ट्रीम जलस्तर 202.10 मीटर, डाउनस्ट्रीम 200.25 मीटर और डिस्चार्ज 5,895 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान 205.08 मीटर से नीचे है, लेकिन बढ़ते बहाव को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं, ओखला बैराज (नई दिल्ली) पर अपस्ट्रीम जलस्तर 201.35 मीटर, डाउनस्ट्रीम 194.60 मीटर और डिस्चार्ज 386 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया।


