Noida: फर्म बंद कराने के नाम पर करोड़ों का किया गया फर्जीवाड़ा, महिला उद्यमी ने लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने वर्ष 2016 में फर्म शुरू की। काम नहीं मिलने के कारण अगले ही वर्ष फर्म को बंद करने का निर्णय लिया गया।

फर्म बंद कराने के नाम पर सेल्स टैक्स अधिवक्ता पर जीएसटी नंबर के कथित दुरुपयोग से करीब आठ करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार कराने का आरोप लगा है। महिला उद्यमी का आरोप है कि अधिवक्ता ने फर्म बंद कराने के नाम पर आठ हजार रुपये और मूल दस्तावेज लिए, लेकिन जीएसटी नंबर सरेंडर कराने के बजाय उसका इस्तेमाल करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन में किया गया। मामले में कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता समेत तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सेक्टर-50 नोएडा निवासी अनुराधा पोद्दार के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2016 में फर्म शुरू की। काम नहीं मिलने के कारण अगले ही वर्ष फर्म को बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए उन्होंने सेल्स टैक्स अधिवक्ता से संपर्क किया। आरोप है कि अधिवक्ता ने जीएसटी समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कर फर्म बंद कराने का भरोसा दिया। पीड़िता के मुताबिक इसके एवज में अधिवक्ता ने आठ हजार रुपये लिए और फर्म से संबंधित मूल दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही फर्म का जीएसटी नंबर सरेंडर हो जाएगा और भविष्य में किसी तरह की देनदारी नहीं रहेगी।
आरोप है कि कुछ समय बाद महिला उद्यमी को जीएसटी से संबंधित रिकॉर्ड में अपनी फर्म के नाम पर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाए जाने की जानकारी मिली। शिकायत के अनुसार करीब आठ करोड़ रुपये का कथित कारोबार फर्म के जीएसटी नंबर के माध्यम से दर्शाया गया। महिला का कहना है कि फर्म बंद होने के बाद उन्होंने कोई कारोबार नहीं किया था और न ही इस कथित लेनदेन से उनका कोई संबंध था।
जीएसटी नंबर और मूल दस्तावेजों के संभावित दुरुपयोग की जानकारी मिलने के बाद महिला उद्यमी ने मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब फर्म के जीएसटी रिकॉर्ड, कथित खरीद-बिक्री, बिल, लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला की फर्म के नाम पर किन लोगों ने कारोबार किया और कथित लेनदेन से किसे आर्थिक लाभ मिला। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।




