महेश शर्मा के खिलाफ भारतीय किसान परिषद का सोशल मीडिया अभियान शुरू, 10% भूखंड व आबादी निस्तारण को लेकर बढ़ा दबाव

ग्रेटर नोएडा – भारतीय किसान परिषद ने किसानों की लंबित मांगों को लेकर गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान शुरू कर दिया है। परिषद का आरोप है कि किसानों की समस्याओं के समाधान में लगातार देरी हो रही है और जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है।
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के किसान लंबे समय से 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, आबादी निस्तारण, उचित पुनर्वास और अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कई दौर की वार्ताओं, धरना-प्रदर्शनों और ज्ञापन सौंपने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में शुरू किए गए इस सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से किसानों की आवाज को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। परिषद का कहना है कि जिले के लाखों किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों को सोशल मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान किसानों की मांगों की ओर आकर्षित हो सके।
किसान नेताओं ने कहा कि गौतमबुद्धनगर के विकास में किसानों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। किसानों ने अपनी भूमि देकर विकास परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त किया, लेकिन आज भी उन्हें अपने अधिकारों और वादों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विशेष रूप से 10 प्रतिशत विकसित भूखंड और आबादी निस्तारण का मुद्दा किसानों के लिए सबसे अहम बना हुआ है।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो सोशल मीडिया अभियान को और तेज किया जाएगा तथा आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। संगठन ने किसानों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और अपनी आवाज मजबूती से उठाने की अपील की है।
भारतीय किसान परिषद ने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों के अधिकारों की रक्षा करना और वर्षों से लंबित मांगों का समाधान सुनिश्चित कराना है। परिषद ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है।



