नोएडा में फ्लैट रजिस्ट्री संकट गहराया, अथॉरिटी और बिल्डरों के विवाद में फंसे खरीदार

नोएडा – उत्तर प्रदेश में नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों के बीच बकाया राशि को लेकर जारी विवाद का सीधा असर एक बार फिर आम फ्लैट खरीदारों पर पड़ रहा है। तीन महीने पहले नोएडा अथॉरिटी द्वारा 21 बिल्डर प्रोजेक्ट्स में रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने पर रोक लगाए जाने के बाद हजारों फ्लैट बायर्स की उम्मीदें अधर में लटक गई हैं।
अमिताभ कांत पॉलिसी लागू होने के बाद फ्लैट बायर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लंबे समय से अटकी रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी आई और शुरुआती दौर में करीब 4,400 फ्लैटों की रजिस्ट्री भी संपन्न हुई। लेकिन अब एक बार फिर यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई है, जिससे खरीदारों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, अथॉरिटी और बिल्डरों के बीच वित्तीय बकाया को लेकर चल रही खींचतान के कारण लगभग 8,000 फ्लैट बायर्स प्रभावित हो रहे हैं। वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी लगाकर घर खरीदने वाले लोग अब अपने ही फ्लैट की वैध रजिस्ट्री के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
फ्लैट बायर्स का कहना है कि अथॉरिटी और बिल्डरों के विवाद में आम खरीदारों को परेशान करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द समाधान निकालकर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुचारु रूप से शुरू कराया जाए, ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके।



