ग्रैंडथुम में बढ़ा निवेशकों का आक्रोश, प्रोजेक्ट पूर्ण होने तक मेंटेनेंस न देने का ऐलान

ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ग्रैंडथुम प्रोजेक्ट के ओनर्स एवं कार्यालय संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बिल्डर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में प्रोजेक्ट की अधूरी सुविधाओं, लंबित विकास कार्यों एवं लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित ओनर्स ने कहा कि प्रोजेक्ट के लॉन्च के समय जिन सुविधाओं और विकास कार्यों का वादा किया गया था, उनमें से कई आज भी अधूरे हैं। विशेष रूप से प्रोजेक्ट का प्रमुख आकर्षण बताया गया स्काई डेक अभी तक तैयार नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य कई कॉमन एरिया एवं सुविधाओं का कार्य भी पूर्ण नहीं हुआ है, जिससे ओनर्स एवं कार्यालय संचालकों में असंतोष व्याप्त है।
बैठक के दौरान पानी की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सदस्यों ने शिकायत की कि परिसर में गंदे पानी की समस्या बनी हुई है, जिसका प्रभाव कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों एवं आगंतुकों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही हाउसकीपिंग, कूड़ा प्रबंधन एवं रखरखाव व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। ओनर्स का कहना था कि परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, जिसके कारण कई बार कार्यालय संचालकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बैठक में मांग की गई कि सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पेशेवर एवं व्यवस्थित बनाया जाए तथा सुरक्षा कर्मियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए।
लिफ्ट संचालन को लेकर भी अनेक शिकायतें सामने आईं। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि सभी लिफ्टों का नियमित एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि कार्यालयों में आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद ओनर्स ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक ग्रैंडथुम प्रोजेक्ट की अधूरी सुविधाएं पूरी नहीं की जातीं तथा लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान नहीं किया जाएगा। ओनर्स का कहना था कि प्रोजेक्ट के वादित कार्य पूर्ण होने के बाद ही मेंटेनेंस शुल्क भुगतान पर विचार किया जाएगा।
बैठक में बिल्डर प्रतिनिधियों को सभी समस्याओं से अवगत कराया गया। बिल्डर की ओर से 15 जून तक सभी मुद्दों पर जवाब एवं कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया है।
ओनर्स ने अपने हितों की सुरक्षा एवं समस्याओं के समाधान के लिए एक संगठित एसोसिएशन के गठन पर भी सहमति व्यक्त की। प्रारंभिक रूप से 16 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो भविष्य में ओनर्स से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएगी।
बैठक के अंत में ओनर्स ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल प्रोजेक्ट की सभी वादित सुविधाओं को पूर्ण कराना तथा बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। यदि निर्धारित समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे की रणनीति सामूहिक रूप से तय की जाएगी।




