Noida: नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो ने भी भरी उड़ान, पठानकोट की लीची चेन्नई लेकर पहुंचा विमान
एफ्कॉम होल्डिंग्स की बोइंग 737-800 एफ ने कार्गो उड़ान के पहले दिन चेन्नई-नोएडा-चेन्नई की उड़ान पूरी की।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार को पहली कार्गो उड़ान के संचालन के साथ ही उत्तर प्रदेश ने आर्थिक विकास, निर्यात संवर्धन एवं वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया है। यह अवसर केवल एक कार्गो सेवा के शुभारंभ का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चैन को जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
एफ्कॉम होल्डिंग्स की बोइंग 737-800 एफ ने कार्गो उड़ान के पहले दिन चेन्नई-नोएडा-चेन्नई की उड़ान पूरी की। एफ्कॉम होल्डिंग्स की उड़ान में करीब 20 टन मिश्रित माल (कार्गो) ले जाया गया, जिसमें जल्द खराब होने वाली चीजें (पेरिशेबल), कंसोलिडेशन शिपमेंट, वाहन के कल-पुर्जे और मोबाइल डिवाइस शामिल थे। इससे एकीकृत लॉजिस्टिक्स परितंत्र (इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम) के जरिए आसानी से माल ढुलाई के लिए इसके एकीकृत कार्गो टर्मिनल की तैयारी रेखांकित होती है।
एयरपोर्ट पहुंचे कार्गो विमान को वाटर कैनन से स्वागत किया गया। उसके बाद कार्गों उड़ान से पहले एयरपोर्ट, एआई सेट्स और एफ्कॉम होल्डिंग्स के अधिकारियों ने विधिवत तरीके से फीता काटकर कार्गो उड़ानों की शुरूआत की। जिसके बाद पहला कार्गों विमान एयरपोर्ट पर उतरा। विमान से लाई गई चीजों को अनलोड करके एयरपोर्ट के वेयर हाउस में रखवाया गया है। इस मौके पर एयर इंडिया सेट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनाथन राजामणि, एफ्कॉम होल्डिंग्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक परसुरामन, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमन, नोएडा एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया समेत एयरपोर्ट के विभिन्न अधिकारी व स्टाफ मौजूद रहा।
एयर इंडिया सैट्स (AISATS) द्वारा अत्याधुनिक एकीकृत कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी प्रथम चरण में लगभग 2.55 लाख मीट्रिक टन वार्षिक कार्गो क्षमता है। भविष्य में इसे और विस्तारित कर उत्तर भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यह सुविधा सड़क, रेल और वायु परिवहन को एकीकृत कर उत्तर भारत की व्यापारिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
लीची को भेजा चेन्नई
कार्गो उड़ान के माध्यम से पठानकोट से आई ताज़ी लीची को जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से चेन्नई भेजा गया, जबकि बेंगलुरु से मारुति के कुछ स्पेयर पार्ट्स भी जेवर एयरपोर्ट पर पहुंचे। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कृषि उत्पादों से लेकर ऑटोमोबाइल उद्योग तक, विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यह कार्गो सेवा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों, निर्यातकों एवं एमएसएमई इकाइयों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। अब क्षेत्र में उत्पादित फल-सब्जियां, डेयरी उत्पाद, खाद्य प्रसंस्कृत वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मेडिकल डिवाइस, इंजीनियरिंग उत्पाद एवं ई-कॉमर्स से जुड़ी सामग्री कम समय में देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच सकेगी।


