Noida: जिला न्यायालय ने नोएडा के पूर्व डीएम को किया तलब, खनन से जुड़ा है मामला
उनके परिवार की कुल 40 बीघा जमीन से वर्ष 2021 में 25 बीघा भूमि रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की गई थी।

मिट्टी चोरी के मामले में जिला न्यायालय ने गौतमबुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, पूर्व जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी और अन्य को तलब किया है। अधिवक्ता बलराज भाटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया गया है। मामला गांव में उनकी जुड़ी जमीन का है। आरोप है कि सरकारी योजना के लिए उनके खेत से अवैध तरीके से मिट्टी का खनन किया गया।
जिला न्यायालय ने पूर्व डीएम मनीष कुमार व अन्य को 16 अप्रैल को पेश होने के आदेश दिए है। मामला बोड़ाकी गांव निवासी अधिवक्ता बलराज भाटी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। चमरावली रामगढ़ गांव स्थित उनके खेत से करीब 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी की गई और इसका इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति के न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन के परिसर के लिए किया गया। उनके परिवार की करीब 40 बीघा जमीन थी। जिसमें से 25 बीघा जमीन 2021 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की गई थी। उसके बाद 15 बीघा जमीन तक पहुंचने का रास्ता रेलवे द्वारा बनाई गई बाउंड्री वॉल के कारण बंद हो गया। जिससे उनकी कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
आरोप है कि रेलवे परिसर की बाउंड्री वॉल से उनके खेत में एक गेट खोलकर वहां से रैंप बनाकर भारी मात्रा में मिट्टी निकाली गई है। इसकी वजह से खेत में गड्ढा हो गया। उन्होंने इस मामले में जिला न्यायाधीश के सामने याचिका दाखिल की थी। न्यायालय ने कहा कि रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा और डीएफसीसी के अधिकारी न्यायालय में उपस्थित हो चुके हैं, लेकिन अन्य कई अधिकारी समन मिलने के बावजूद पेश नहीं हुए। अदालत ने कहा कि अगर वे न्यायालय में पेश नहीं होते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है



