Noida: महिलाओं ने 17 अप्रैल को लोकतंत्र के लिए बताया काला दिवस, सपा-कांग्रेस ने किया महिलाओं का अपमान
राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने महिलाओं की आवाज को दबाने का काम किया है। जिससे आज देश की महिलाओं में जन आक्रोश हैं।

दादरी मिहिर भोज कॉलेज के गुर्जर भवन में शनिवार को भाजपा ने जिला जन आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद गीता शाक्य और विशिष्ट अतिथि महिला मोर्चा क्षेत्रीय अध्यक्ष बरखा कौशिक मौजूद रही।
राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने महिलाओं की आवाज को दबाने का काम किया है। जिससे आज देश की महिलाओं में जन आक्रोश हैं। 17 अप्रैल देश की बहनों और लोकतंत्र के लिए काला दिन था। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने एक बार फिर देश की बहनों को धोखा दिया, बेटियों को ठग लिया। आज केवल एक बिल ही नहीं गिरा। बहनों की आशाओं पर कुठाराघात हुआ। महिला विरोधी कांग्रेस और इंडी ब्लॉक ने बहनों के सशक्तीकरण के प्रयास को कुचल दिया। बहनों के सपनों को तोड़ दिया गया। उनके अरमानों को रौंद दिया।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस और इंडी ब्लॉक की सोच है- ‘नारी तू केवल अबला है’। आज़ादी के अमृतकाल में जब विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अपार क्षमता का उपयोग होना चाहिए था, तब विपक्ष ने उसी शक्ति को मसलकर समाप्त करने का पाप किया है। इस बिल को गिराकर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने अपने ताबूत में अंतिम कील ठोकी है।
अब बहनें सड़कों पर निकलेंगी और कांग्रेस और सपा की भविष्य की संभावनाओं को कुचल कर समाप्त कर देंगी। महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष बरखा कौशिक ने कहा 2026 में भी पुरानी सोच नारी शक्ति वंदन का विरोध विपक्ष कल भी नारी विरोधी था।




