Noida: GBU में योगी बोले-कांग्रेस के ‘युवराज’ ने किया महिलाओं का अपमान, पूर्व उपराष्ट्रपति का बयान डरावना
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या महज 10 हजार थी, जो आज बढ़कर 44 हजार पहुंच चुकी है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीबीयू में आयोजित कार्यक्रम नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान में हिस्सा लिया। दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर जमकर बरसे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके आचरण से पूरी नारी शक्ति का अपमान हुआ है। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीएम ने कहा कि यदि वे भारत की समदृष्टि को समझते तो हिंदू दृष्टि और भारतीयता को कभी नहीं कोसते। संवैधानिक पदों पर रहे लोगों को पद की गरिमा के अनुकूल मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं बल्कि ठोस योजनाओं से संभव हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या महज 10 हजार थी, जो आज बढ़कर 44 हजार पहुंच चुकी है और अगले तीन से चार महीनों में यह 50 हजार के पार होगी। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 12 फीसदी से बढ़कर 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी संस्थाओं के जरिए लाखों महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
प्रदेश की प्रगति का खाका खींचते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं बल्कि देश का ‘ग्रोध इंजन’ और रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं और 24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स में से करीब 50 प्रतिशत का संचालन महिलाएं कर रही हैं। सुरक्षा के बेहतर माहौल की बदौलत 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतरा है, जिससे 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला।
ग्रेटर नोएडा के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां एक तरफ विपक्ष की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा, नारी सशक्तीकरण और रोजगार के आंकड़ों के जरिए यूपी के नए मॉडल को देश के सामने रखा। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय सनातन चेतना, ऋषि परंपरा और समाज से जुड़े ज्वलंत विषयों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने विदुषी गार्गी, मैत्रेयी, माता अनुसूया, मीराबाई, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और महारानी लक्ष्मीबाई जैसी महान महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने ज्ञान, शासन, संस्कृति, त्याग, शौर्य और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए तथा भेदभाव की प्रवृत्ति को समाप्त करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में यूपी पुलिस की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे द्वारा भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का उल्लेख करते हुए महिला प्रतिभाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 12 करोड़ एलपीजी कनेक्शन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के माध्यम से महिला गरिमा एवं स्वास्थ्य की रक्षा का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि आज इससे 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं और समूह का टर्नओवर 115 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को प्रतिमाह लगभग 08 से 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या लगभग 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार हो गई है। उन्होंने अगले तीन-चार महीनों में महिला पुलिस बल की संख्या 50 हजार से अधिक होगी। उन्होंने महिला कार्यबल की भागीदारी में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे परिवार और कार्यक्षेत्र दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में लगभग सवा तीन करोड़ युवा कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग कराई गई है। इन उद्योगों में 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 120 से कम स्टार्टअप थे, जबकि अब प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी के अनुसार, इनमें लगभग आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

